उज्जैन: भस्म आरती में रजत चंद्र-त्रिशूल और त्रिपुंड से सजे बाबा महाकाल, ड्रायफ्रूट से हुआ राजा स्वरूप शृंगार

 


उज्जैन, 20 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार तड़के भगवान महाकाल की भस्म आरती विधि-विधान से संपन्न हुई। सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलने के बाद गर्भगृह में विराजित देवी-देवताओं का पूजन किया गया। इसके बाद भगवान महाकाल का हरि ओम जल से अभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शहद, शक्कर और फलों के रस से तैयार पंचामृत से अभिषेक-पूजन के बाद बाबा का आकर्षक शृंगार किया गया।

भगवान महाकाल को रजत चंद्र-त्रिशूल, त्रिपुंड और ड्रायफ्रूट से सजाकर राजा स्वरूप प्रदान किया गया। शृंगार के दौरान बाबा ने शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला धारण की। सुगंधित पुष्पों की मालाओं से भी भगवान का अलंकरण किया गया। इसके बाद फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया।

झांझ-मंजीरे और डमरू की धुन पर हुई आरती

भस्म आरती के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति का वातावरण रहा। नंदी हॉल में भगवान नंदी का पूजन किया गया। झांझ-मंजीरे और डमरू की गूंज के बीच महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। वैदिक मंत्रोच्चार और बाबा के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बाबा महाकाल से सुख-समृद्धि की कामना की। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन किए और उनके कान में अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान मंदिर परिसर बाबा महाकाल के जयकारों से गूंजता रहा।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे