उज्जैन: सिंहस्थ 2028 के दौरान क्षिप्रा घाटों पर हर 200 मीटर पर बनेंगे एंट्री-एग्जिट पॉइंट, अफसरों ने जांची व्यवस्था
- अधिकारियों की टीम ने क्षिप्रा नदी के घाटों का किया निरीक्षण
उज्जैन, 09 मई (हि.स.) । मध्य प्रदेश में सिंहस्थ कुंभ 2028 के भव्य आयोजन को लेकर उज्जैन प्रशासन अभी से सक्रिय मोड में आ गया है। शनिवार सुबह मेला अधिकारी व संभागायुक्त आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह के नेतृत्व में करीब 30 अधिकारियों की टीम ने क्षिप्रा नदी के घाटों का विस्तृत निरीक्षण किया। अधिकारियों ने शनि मंदिर से वाकणकर ब्रिज तक लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की जमीनी हकीकत परखी।
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य करोड़ों श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही और सुरक्षा सुनिश्चित करना था। संभागायुक्त आशीष सिंह ने बताया कि घाटों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती श्रद्धालुओं को पार्किंग स्थल से घाटों तक सुरक्षित लाने और स्नान के बाद वापस भेजने की है। इसी समस्या के समाधान के लिए निर्णय लिया गया है कि लगभग हर 200 मीटर पर व्यवस्थित एंट्री (प्रवेश) और एग्जिट (निकासी) पॉइंट बनाए जाएंगे।
प्रशासन के अनुसार, सिंहस्थ के दौरान शाही स्नान जैसे प्रमुख दिनों में एक ही दिन में करीब पांच करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इतनी विशाल भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पार्किंग से घाटों तक की सड़क कनेक्टिविटी, लाइटिंग और चेंजिंग रूम जैसी बुनियादी सुविधाओं को युद्ध स्तर पर विकसित किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन व्यवस्थाओं के लिए कार्ययोजना जल्द पूरी करें।
तैयारियों की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रशासन ने अब रोजाना सुबह 6 बजे घाटों का निरीक्षण करने का फैसला किया है। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि पार्किंग से लेकर सुरक्षित निकासी तक हर बारीक पहलू पर प्रशासन गंभीरता से काम कर रहा है ताकि विश्व के इस सबसे बड़े धार्मिक समागम में श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत