उज्जैन: महाकाल मंदिर मार्ग पर यूडीए की कार्रवाई, बेगमबाग में 16 मकानों पर चला बुलडोजर

 


उज्जैन, 22 अगस्त (हि.स.)। मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में महाकाल मंदिर मार्ग स्थित बेगमबाग क्षेत्र में शनिवार को उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने 16 मकानों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत हरिफाटक ब्रिज के चौड़ीकरण और महाकाल मंदिर के लिए बनाई जा रही टनल के रास्ते में बाधा बन रहे इन अवैध और लीज खत्म हो चुके मकानों को हटाया गया। हाईकोर्ट से स्टे हटने के बाद भारी पुलिस बल, पोकलेन और जेसीबी मशीनों की मदद से यह प्रशासनिक कार्रवाई पूरी की गई।

उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) की टीम ने बेगमबाग क्षेत्र में महाकाल मंदिर मार्ग पर स्थित 16 मकानों को बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया। ये निर्माण कार्य हरिफाटक ब्रिज के चौड़ीकरण और मंदिर के लिए निर्माणाधीन टनल के मार्ग में मुख्य बाधा बने हुए थे।

शनिवार सुबह करीब 8 बजे जब बेगमबाग के निवासी घरों से बाहर निकले, तो पूरे इलाके में भारी पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अमला, यूडीए और नगर निगम की पोकलेन व जेसीबी मशीनें तैनात मिलीं। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से मकानों को ढाए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई। बेगमबाग में उज्जैन विकास प्राधिकरण की यह अब तक की छठी बड़ी कार्रवाई है। इस दौरान यूडीए, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम के 50 से अधिक कर्मचारी तैनात रहे, जिन्होंने 7 पोकलेन और 4 जेसीबी की मदद से अवैध ढांचों को हटाया।

लीज की शर्तों का उल्लंघन और कानूनी अड़चन

यूडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीओ) संदीप सोनी ने बताया कि जिन मकानों पर शनिवार को कार्रवाई की गई, उनकी लीज अवधि करीब 15 साल पहले (वर्ष 2014-15 में) ही समाप्त हो चुकी थी और उनका नवीनीकरण नहीं कराया गया था। मामला लंबे समय से न्यायालय में लंबित था, लेकिन हाल ही में हाईकोर्ट से स्टे समाप्त होने के बाद प्रशासन ने ध्वस्तिकरण की कार्रवाई का रास्ता साफ किया। इससे पहले भी इस मार्ग पर यातायात में बाधा बन रहे 72 मकानों को हटाया जा चुका है।

बेशकीमती जमीन पर व्यावसायिक उपयोग का आरोप

यह पूरा मामला उज्जैन विकास प्राधिकरण की अत्यंत बेशकीमती जमीन से जुड़ा हुआ है। यूडीए ने पूर्व में बेगमबाग में 2400 वर्गफीट के 45 भूखंड 30 साल की लीज पर केवल 'आवासीय उपयोग' के लिए आवंटित किए थे। हालांकि, भूखंड धारकों ने लीज शर्तों का उल्लंघन करते हुए इन पर व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर दीं। इतना ही नहीं, मूल 45 प्लॉटों को छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित करके उन पर लगभग 90 इमारतों का निर्माण कर लिया गया था, जिन्हें अब चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत