स्केटिंग करते हुए तीर्थयात्रा पर निकले दो सगे भाई, छह माह में तय किए 10,500 किलोमीटर, अब उज्जैन का प्लान
खरगोन, 24 अक्टूबर (हि.स.)। हाथों में तिरंगा और भगवा ध्वज लेकर झारखंड के दो सगे भाई स्केटिंग करते हुए देश के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा पर निकले हैं। गिरिडीह जिले के तीसरी प्रखंड निवासी अंकित कुमार साहू और उनके छोटे भाई सौरभ छह माह में करीब 10,500 किलोमीटर का सफर तय कर चुके हैं। इन दिनों दोनों भाई मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से गुजर रहे हैं। उनका लक्ष्य चारधाम, 12 ज्योतिर्लिंग और पांच केदार की यात्रा पूरी करना है।
बता दें कि यहां ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने के बाद उनका अगला पड़ाव उज्जैन का महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग होगा। बाबा बैद्यनाथ धाम, जगन्नाथ पुरी, मल्लिकार्जुन, रामेश्वरम, भीमाशंकर, त्र्यंबकेश्वर और घृष्णेश्वर सहित कई प्रमुख तीर्थस्थलों से होकर गुजर चुके दोनों भाइयों की यह यात्रा अब भी जारी है।
अंकित कुमार साहू ने बताया कि दोनों भाई प्रतिदिन 70 से 80 किलोमीटर तक स्केटिंग करते हैं। पूरी यात्रा में डेढ़ से दो वर्ष लगने का अनुमान है। उनके अनुसार, वह झारखंड के पहले युवक हैं, जो स्केटिंग के माध्यम से इस तरह तीर्थयात्रा कर रहे हैं। वहीं, पांच केदार की स्केटिंग यात्रा करने वाले वह भारत के दूसरे युवा हैं।
स्थानीय लोग कर रहे सहयोग
लंबी यात्रा के दौरान दोनों भाइयों को विभिन्न शहरों और गांवों में स्थानीय लोगों का सहयोग मिल रहा है। कहीं लोग उन्हें चाय-नाश्ता कराते हैं, तो कहीं फल और ठंडा पानी उपलब्ध कराकर उनका उत्साह बढ़ाते हैं। होटल संचालक भी उन्हें खाद्य सामग्री देकर मदद कर रहे हैं। अंकित और सौरभ का कहना है कि अनजान लोगों से मिलने वाला अपनापन और सहयोग उन्हें यात्रा जारी रखने की प्रेरणा देता है।
कई प्रमुख तीर्थस्थलों के कर चुके हैं दर्शन
दोनों भाई अब तक बाबा बैद्यनाथ धाम, जगन्नाथ पुरी और मल्लिकार्जुन सहित कई प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा कर चुके हैं। इसके अलावा उनकी यात्रा में रामेश्वरम, भीमाशंकर, त्र्यंबकेश्वर और घृष्णेश्वर जैसे ज्योतिर्लिंग भी शामिल हैं।
खरगोन जिले में दोनों भाई कसरावद से सनावद होते हुए ओंकारेश्वर पहुंचेंगे। यहां ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने के बाद वे उज्जैन स्थित बाबा महाकाल के दर्शन के लिए रवाना होंगे।
देशप्रेम और भाईचारे का संदेश
तिरंगा और भगवा ध्वज लेकर स्केटिंग के जरिए देश की तीर्थयात्रा कर रहे दोनों भाई अपने सफर से साहस, देशप्रेम, आपसी सद्भाव और राष्ट्रीय एकता का संदेश देना चाहते हैं। उनका कहना है कि यात्रा के दौरान लोगों से मिल रहा सहयोग और प्रोत्साहन उनके लिए आगे बढ़ने का बड़ा संबल है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा