मुनिश्री सुधासागर जी पर अभद्र टिप्पणी मामले में दो आरोपितों ने कोर्ट में किया सरेंडर

 


अशोकनगर, 15 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अशोकनगर में जैन मुनिश्री 108 सुधासागर महाराज के संबंध में सोशल मीडिया (व्हाट्सएप) पर आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणी प्रसारित करने के मामले में पुलिस की चौतरफा घेराबंदी और लगातार दी जा रही दबिश के दबाव में आकर आखिरकार प्रकरण के दो नामजद आरोपिताें ने बुधवार को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया है, जहां से पुलिस ने उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर रिमांड पर ले लिया है।

एसपी ने बनाई थी स्पेशल टीम:

धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले इस संवेदनशील मामले को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा ने एसडीओपी विवेक शर्मा के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक रवि प्रताप सिंह चौहान एवं साइबर सेल के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन कर आरोपिताें की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे।

कई राज्यों और जिलों में दी जा रही थी लगातार दबिश:

एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही मामले के तीनों आरोपी पूर्व डीएसपी डॉ.रेखा जैन, समीर जैन और राहुल जैन लगातार फरार चल रहे थे। पुलिस टीमें उनकी तलाश में सागर, दमोह, जबलपुर, नागपुर (महाराष्ट्र) और ललितपुर (उत्तर प्रदेश) सहित देश के विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार दिन-रात छापेमारी कर रही थीं।

दबाव में आकर अदालत पहुंचे आरोपी, पुलिस को मिली रिमांड:

पुलिस जानकारी अनुसार बढ़ते शिकंजे और लगातार दबिश के कारण आखिरकार आरोपियों को भागने का कोई रास्ता नहीं मिला। प्रकरण के दो मुख्य आरोपी राहुल जैन (उम्र 40 वर्ष), पिता राजेश जैन, निवासी- रामपुरा वार्ड, सागर, समीर जैन (उम्र 39 वर्ष), पिता सुखलाल जैन, निवासी- रामपुरा वार्ड, सागर ने कोर्ट का रुख किया।

दोनों आरोपियों के अदालत में उपस्थित होने पर पुलिस द्वारा उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष पेश किया गया। पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच और पूछताछ के लिए अदालत से आरोपियों का पुलिस रिमांड हासिल किया है।

अग्रिम कार्रवाई जारी:

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस संवेदनशील मामले में कानून सम्मत कड़ी कार्रवाई की जा रही है। आरोपिताेंं से पूछताछ कर मामले के अन्य पहलुओं और फरार सह-आरोपी पूर्व डीएसपी डॉ.रेखा जैन की तलाश के संबंध में सुराग जुटाए जा रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार