जनजातीय संग्रहालय में दो दिन गूंजेगी गरबा-डांडिया की धूम, प्रवेश रहेगा निःशुल्क

 


भोपाल, 16 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रहालय में 17 और 18 अक्टूबर को गरबा एवं डांडिया रास का आयोजन किया जाएगा। नृत्य, गायन और वादन पर केंद्रित गतिविधि ‘संभावना’ के तहत होने वाले इस कार्यक्रम में गुजरात के कलाकार पारंपरिक गरबा और रास गायिकी की प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम दोपहर तीन बजे से शुरू होगा। संग्रहालय घूमने आने वाले पर्यटक और दर्शक भी इसमें शामिल होकर लोक संस्कृति और उत्सव के उल्लास का अनुभव कर सकेंगे।

आयोजन का उद्देश्य दर्शकों को लोकनृत्य और संगीत की परंपराओं से जोड़ना तथा सांस्कृतिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है। गरबा की पारंपरिक नृत्य शैली और डांडिया रास की लयबद्ध प्रस्तुति के माध्यम से लोक परंपराओं की जीवंतता देखने को मिलेगी। इस दौरान संगीत, ताल और सामूहिक सहभागिता का संगम कार्यक्रम को खास बनाएगा।

कार्यक्रम के दूसरे दिन 18 अक्टूबर को गरबा और डांडिया रास के साथ अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी। मीनल उदय सेवक, गुजरात द्वारा गरबा एवं डांडिया रास प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अलावा अमित सिंह धुर्वे एवं साथी, इंदौर द्वारा भक्ति गायन की प्रस्तुति दी जाएगी।

इसी दिन जितेंद्र शर्मा एवं साथी, श्योपुर सहरिया जनजातीय लहंगी नृत्य प्रस्तुत करेंगे, जबकि प्रीति कनाड़े एवं साथी, खरगोन द्वारा गणगौर नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को मध्यप्रदेश की जनजातीय और लोक सांस्कृतिक परंपराओं की विविधता देखने का अवसर मिलेगा।

दर्शकों के लिए खुला रहेगा आयोजन

‘संभावना’ के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में संग्रहालय आने वाले पर्यटक और दर्शक सीधे भाग ले सकेंगे। आयोजन के जरिए दर्शकों को केवल प्रस्तुतियां देखने ही नहीं, बल्कि गरबा और डांडिया रास में सहभागी बनकर उत्सव का आनंद लेने का अवसर भी मिलेगा।

जनजातीय संग्रहालय की ओर से दोनों दिन के कार्यक्रमों में आम लोगों को आमंत्रित किया गया है। आयोजन में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा