भोपाल में निगम की सीलिंग कार्रवाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे व्यापारी, जमकर की नारेबाजी, पुलिस से हुई धक्का-मुक्की

 










- मुख्यमंत्री आवास घेरने जा रहे कारोबारियों को पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर रोका

भोपाल, 01 सितम्बर (हि.स.) । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम ने मंगलवार सुबह फिर सीलिंग कार्रवाई की। इस दौरान व्यापारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। कार्रवाई के विरोध में मुख्यमंत्री आवास घेरने जा रहे कारोबारियों को पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर रोका, जिसके बाद जमकर नारेबाजी और हाथापाई का माहौल बन गया।

राजधानी भोपाल के रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों पर नगर निगम का शिकंजा मंगलवार को भी जारी रहा। सुबह 9 बजे से शुरू हुई कार्रवाई के तहत कोहेफिजा में चाय लीला कैफे, होटल, बुक शॉप और बेकरी को सील कर दिया गया। कई संचालकों ने कार्रवाई के डर से खुद ही अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। वहीं करोंद इलाके में भी व्यापारियों ने सड़कों पर उतरकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। निगम की इस कार्रवाई के खिलाफ भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स और भोपाल व्यापारी महासंघ संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों कारोबारी एकजुट हुए। सुबह 11 बजे न्यू मार्केट स्थित नानके पेट्रोल पंप पर इकट्ठा होने के बाद व्यापारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात करने मुख्यमंत्री आवास की ओर रवाना हुए।

व्यापारियों का जुलूस जैसे ही रोशनपुरा चौराहे के पास पहुंचा, पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया। आक्रोशित व्यापारियों ने बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिससे पुलिस के साथ तीखी हाथापाई और धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान कई व्यापारी जमीन पर गिर पड़े, हालांकि किसी को चोट नहीं आई।

आंदोलन को अलग पहचान देने के लिए कई व्यापारी ‘सशक्त आवाज, व्यापारियों की आवाज’ लिखे बैनर पहनकर पहुंचे थे, तो एक व्यापारी महात्मा गांधी के गेटअप में विरोध दर्ज कराने आया। सरकार की 'सद्बुद्धि' के लिए प्रदर्शनकारियों ने शंख, डमरू और थाली बजाकर नारेबाजी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एसीपी अखिल पटेल ई-रिक्शा पर चढ़कर लाउडस्पीकर से समझाते दिखे, लेकिन व्यापारी अपनी मांग पर अड़े रहे।

संघर्ष समिति के अध्यक्ष आनंद सोनी ने कहा कि व्यापारियों की प्रमुख मांग सीलिंग की कार्रवाई को तुरंत रोककर राहत देने वाले नए मास्टर प्लान को लागू करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि अभी महज 10 फीसदी व्यापारी सड़कों पर आए हैं, यदि कार्रवाई नहीं रुकी, तो पूरा भोपाल बंद कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

इधर, प्रशासनिक स्तर पर एसडीएम ने मोर्चा संभालते हुए व्यापारियों से ज्ञापन देने का अनुरोध किया और कहा कि प्रशासन उनकी पीड़ा समझता है। हालांकि, व्यापारियों ने एसडीएम को ज्ञापन देने से इनकार कर दिया।

भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष गोविंद गोयल ने कहा कि, यह बेहद अफसोसजनक है कि प्रदेश सरकार के इशारे पर नगर निगम व्यापारियों के पीछे पड़ा है और पुलिस के डंडे चलवा रहा है। उच्चतम न्यायालय ने 12 अगस्त को साफ कहा था कि राज्य सरकारें अपनी भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार फैसला ले सकती हैं, फिर भी नगर निगम उत्पीड़न पर आमादा है। नगर निगम की सीलिंग के खिलाफ व्यापारियों में गुस्सा है, जिससे माहौल लगातार गरमाता जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत