भोपाल में कमर्शियल लाइसेंस शुल्क पर भड़के व्यापारी, निगम दफ्तर पहुंचकर किया प्रदर्शन, दिया धरना

 


- व्यापारियों ने शुल्क को तत्काल वापस लेने की मांग की

भोपाल, 19 अगस्त (हि.स.) । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लागू कमर्शियल लाइसेंस शुल्क के विरोध में बुधवार को भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के बैनर तले व्यापारियों ने आईएसबीटी स्थित नगर निगम दफ्तर पहुंचकर प्रदर्शन और धरना दिया। व्यापारियों ने सवाल उठाया कि जब पूरे मध्य प्रदेश के किसी भी शहर में यह टैक्स लागू नहीं है, तो सिर्फ भोपाल के व्यापारियों के साथ ही यह भेदभावपूर्ण और सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है? उन्होंने इस शुल्क को तत्काल वापस लेने की मांग की।

भोपाल शहर में लागू कमर्शियल लाइसेंस शुल्क के विरोध में व्यापारिक समुदाय का गुस्सा फूट पड़ा है। बुधवार को भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के बैनरतले व्यापारियों ने इस टैक्स को तत्काल वापस लेने की मांग को लेकर आईएसबीटी स्थित नगर निगम दफ्तर में जोरदार प्रदर्शन किया और धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान व्यापारिक प्रतिनिधियों ने महापौर मालती राय और निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी से मुलाकात कर अपनी कड़ी नाराजगी और चिंता व्यक्त की।

बैठक में व्यापारिक प्रतिनिधियों ने इस बात पर विशेष विरोध जताया कि मध्य प्रदेश के अन्य किसी भी शहर में कमर्शियल लाइसेंस शुल्क लागू नहीं है। केवल भोपाल के व्यापारियों पर ही यह अतिरिक्त आर्थिक भार डाला जा रहा है। व्यापारियों ने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि जब प्रदेश के अन्य शहरों में व्यापारिक गतिविधियां बिना किसी इस प्रकार के शुल्क के संचालित हो सकती हैं, तो भोपाल के व्यापारियों के साथ यह भेदभावपूर्ण और सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है?

व्यापारिक संगठनों ने जोर देकर कहा कि भोपाल प्रदेश की राजधानी है और यहाँ का व्यापारिक समुदाय शहर की अर्थव्यवस्था, रोजगार और राजस्व में सबसे महत्वपूर्ण योगदान देता है। ऐसे समय में व्यापारियों को राहत देने के बजाय उन पर अतिरिक्त शुल्क थोपना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि भोपाल के व्यापारियों पर अलग से डाले गए इस आर्थिक भार के औचित्य को स्पष्ट किया जाए और इस कमर्शियल लाइसेंस शुल्क को तुरंत समाप्त किया जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत