कलेक्ट्रेट के शौचालय बदहाल, गंदगी और दुर्गंध से कर्मचारी-आवेदक परेशान
हरदा, 9 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के हरदा जिले की प्रशासनिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र कलेक्ट्रेट भवन के शौचालय इन दिनों बदहाली का शिकार हैं। परिसर में बने प्रसाधन कक्षों में गंदगी, दुर्गंध और रखरखाव के अभाव की स्थिति से यहां आने वाले आम नागरिकों के साथ-साथ कर्मचारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कलेक्ट्रेट भवन के भीतर स्थित शौचालयों में नियमित सफाई नहीं होने के कारण जगह-जगह गंदगी जमा है। कई स्थानों से तेज दुर्गंध आती रहती है, जिससे आसपास के वातावरण में भी असुविधा बनी रहती है। आरोप है कि लंबे समय से समुचित साफ-सफाई और रखरखाव नहीं होने के कारण स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
विधायक प्रतिनिधि गंगाराम गुर्जर ने बताया कि शौचालयों के प्रवेश द्वार और अंदर लगे दरवाजे रखरखाव के अभाव में टूटे पड़े हैं। दीवारों और दरवाजों पर पान-गुटखे की पीक के निशान भी दिखाई देते हैं। जगह-जगह फैली गंदगी और लाल धब्बे स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि समीप स्थित दूसरे शौचालय की स्थिति भी बेहतर नहीं है। वहां पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने तथा नियमित रूप से सफाईकर्मी नहीं आने के कारण दुर्गंध की समस्या बनी रहती है।
पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओम पटेल ने कहा कि प्रतिदिन जिले के दूरदराज के गांवों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष और वरिष्ठ नागरिक अपनी समस्याएं लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचते हैं। विभिन्न कार्यालयों में काम के दौरान जब उन्हें प्रसाधन की आवश्यकता होती है, तो बदहाल शौचालयों के कारण परेशानी उठानी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से महिलाओं और बुजुर्गों के लिए स्थिति चिंताजनक है। वहीं, कलेक्ट्रेट में दिनभर कार्य करने वाले कर्मचारियों तथा आसपास के कक्षों में बैठने वाले अधिकारियों को भी दुर्गंध के कारण परेशानी होती है।
कलेक्ट्रेट पहुंचे नागरिकों ने भी शौचालयों की स्थिति पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि कलेक्ट्रेट जिले के प्रशासनिक तंत्र का मुख्य केंद्र है, जहां जिला कलेक्टर सिद्धार्थ जैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठते हैं। ऐसे स्थान पर बुनियादी स्वच्छता व्यवस्था की यह स्थिति चिंता का विषय है।
नागरिकों ने सवाल उठाया कि जब जिला प्रशासन अपने मुख्यालय परिसर में ही स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने में परेशानी का सामना कर रहा है, तो दूरस्थ शासकीय कार्यालयों, चिकित्सालयों और अन्य सार्वजनिक स्थलों की स्थिति का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है।
स्थानीय नागरिकों और कलेक्ट्रेट आने वाले आवेदकों ने जिला कलेक्टर एवं संबंधित अधिकारियों से परिसर के सभी शौचालयों की तत्काल मरम्मत कराने, टूटे दरवाजों को बदलने तथा सुबह-शाम नियमित सफाई सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही परिसर में पान-गुटखा थूककर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई करने की मांग भी की गई है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
पुरुषोत्तम कुमार, अपर कलेक्टर, जिला कलेक्ट्रेट हरदा ने बताया कि प्रशासनिक स्तर पर स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं के रखरखाव के लिए व्यवस्थित कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत सफाई कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। भूतल स्थित बाथरूम और शौचालय परिसरों की स्वच्छता एवं रोगाणुनाशन का कार्य प्राथमिकता से कराया जा रहा है। ऊपरी मंजिल के बाथरूमों की भी व्यापक सफाई शुरू की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / Pramod Somani