उमरिया : बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मिला बाघ का कंकाल, जांच के लिए सैंपल भेजे गए
उमरिया, 10 जुलाई (हि.स.)। विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (बीटीआर) के ताला परिक्षेत्र में एक बाघ का कंकाल मिलने से वन विभाग में हलचल मच गई है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के दिशा-निर्देशों के तहत कंकाल का परीक्षण कर आवश्यक सैंपल एकत्र किए गए हैं। प्रजाति और अन्य वैज्ञानिक पुष्टि के लिए जांच प्रक्रिया जारी है।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि 9 जुलाई को ताला परिक्षेत्र के मझखेता बीट में मानसूनी गश्त के दौरान अत्यंत दुर्गम क्षेत्र में एक मांसाहारी वन्यजीव का कंकाल मिलने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही क्षेत्र संचालक, उप संचालक, वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। डॉग स्क्वॉड से आसपास की तलाशी कराई गई तथा मेटल डिटेक्टर की मदद से भी जांच की गई।
वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी के प्रारंभिक परीक्षण में कंकाल बाघ का होने की संभावना व्यक्त की गई। हालांकि, समयाभाव और आवश्यक वैधानिक औपचारिकताओं के कारण उसी दिन पोस्टमार्टम और अंतिम कार्रवाई नहीं हो सकी।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार को एनटीसीए के निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी तथा सहायक पशु चिकित्सा शल्यज्ञ ने कंकाल का परीक्षण किया। प्रजाति एवं लिंग की पुष्टि के लिए आवश्यक जैविक नमूने सुरक्षित किए गए और दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद कंकाल का नियमानुसार दहन कर अंतिम निस्तारण किया गया।
इधर, हाल ही में सिवनी से लाई गई रेडियो कॉलरयुक्त बाघिन के लापता होने की घटना को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। उक्त बाघिन को 23 जून को बेहरहा इनक्लोजर में रखा गया था, लेकिन कुछ दिन बाद उसके वहां से निकल जाने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि वन विभाग ने अब तक इस कंकाल का उस बाघिन से कोई संबंध होने की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक जांच और सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद ही इस संबंध में कोई निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्द्र त्रिपाठी