अनूपपुर: एक दिन में मौसम के तीन रंग, दोपहर तेज धूप, बूंदाबांदी के बाद शाम को छाए बादल

 




अनूपपुर, 30 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कई जगहो पर में सोमवार को मौसम के तीन अलग-अलग रंग देखने मिले। सुबह से दोपहर तक तीखी धूप रही। दोपहर में बूंदाबांदी के बाद शाम को बादल छा गए।

मुख्यालय अनूपपुर सहित फुनगा, राजेंद्रग्राम, अमरकंटक, जैतहरी और वेंकटनगर में काले बादल छा गए। हल्की हवाओं के साथ कुछ मिनटों तक बूंदा-बांदी हुई और बादलों की गर्जना भी सुनाई दी। लगभग 5-7 मिनट में बूंदा-बांदी का दौर थम गया। आसमान में काले बादलों के कारण सूरज बादलों की ओट में छिप गए। इस बदलाव से आम लोगों को थोड़ी ठंडक महसूस हुई और मौसम सुहाना लगा।

हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार, यदि यही मिजाज रहा तो रात में बारिश होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यह बूंदा-बांदी किसानों के लिए चिंता का विषय बन गई है। अभी भी कुछ ऐसे किसान जिन्हों ने विलंब से बुबाई की थी की गेहूं की फसल की कटाई और तैयारी चल रही है, जिससे उन्हें नुकसान होने की आशंका है।

धार्मिक-आध्यात्मिक तीर्थ नगरी अमरकंटक में चैत्र शुक्ल पक्ष की मदन द्वादशी (प्रदोष) के अवसर पर मौसम ने अचानक करवट ली। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार दोपहर बाद गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा हुई, जिससे बढ़ते तापमान पर विराम लग गया। दोपहर तक जहां गर्मी अपना असर दिखाने लगी थी, वहीं अचानक आसमान में काले घने बादलों ने डेरा डाल लिया। तेज हवाओं के साथ उमड़-घुमड़कर बादल गरजते रहे और बीच-बीच में बिजली चमकती रही। लगभग आधे से एक घंटे तक कभी रिमझिम तो कभी मध्यम बारिश होती रही, जिससे पूरे क्षेत्र का मौसम सुहाना और खुशनुमा हो गया। इस अप्रत्याशित मौसम परिवर्तन का आनंद लेने में देशभर से आए पर्यटक और श्रद्धालु पीछे नहीं रहे।

महाराष्ट्र के नासिक और मालेगांव सहित उत्तर प्रदेश के कानपुर, लखनऊ, रीवा, सिंगरौली और पुणे से आए तीर्थयात्रियों ने बारिश का भरपूर लुत्फ उठाया। सभी ने अमरकंटक के मनोहारी और शीतल मौसम की जमकर सराहना की।

तमिलनाडु के चेन्नई से आए पर्यटकों ने बताया कि बड़े शहरों में बारिश के बाद जहां उमस और चिपचिपी गर्मी बढ़ जाती है, वहीं अमरकंटक में वर्षा के बाद वातावरण और अधिक शीतल एवं आनंददायक हो जाता है।

कृषि उपसंचालक कैलाश मगर ने बताया कि मौसम में बदलाव हुआ है और हल्की हवाएं चल रही हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि होती है, तो आम, महुआ और टमाटर जैसी सब्जियों की फसल को नुकसान हो सकता है। आम में फल लग चुके हैं, जिनके झड़ने की अधिक संभावना होती है। हालांकि, इस बार आम में अच्छे बौर आए थे और उम्मीद है कि यदि वे बारिश और ओले से बच जाते हैं, तो इस मौसम में अच्छी पैदावार होगी। शहरी क्षेत्रों में लोगों को जहां ठंडक और सुहावना मौसम महसूस हुआ, वहीं किसानों के चेहरे पर अब भी चिंता की लकीरें साफ दिख रही हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला