अनूपपुर: दोहरे हत्याकांड के 3 आरापियों को सश्रम आजीवन कारावास, जुर्माना

 


अनूपपुर, 11 जनवरी (हि.स.)। प्रधान जिला एवं सत्र न्यारयाधीश एससी/एसटी विशेष न्यायालय माया विश्वरलाल की न्यायालय ने विचाराधीन प्रकरण थाना भालूमाडा के आरोपी छुट्टन रजक, भरत रजक और छुट्टन रजक की पत्नीब सभी निवासी ग्राम बरबसपुर द्वारा एक राय होकर जयंती प्रजापति और तेहारा बाई की हत्या व नरेश और विजय को जान से मारने की नीयत से हमला करने पर सश्रम आजीवन कारावास व अर्थदण्ड की सजा सुनाई हैं। पैरवी विशेष लोक अभियोजक हेमन्त अग्रवाल द्वारा की गई।

अभियेाजन अधिकारी अग्रवाल ने रविवार को बताया कि घटना थाना भालूमाडा क्षेत्र के ग्राम बरबसपुर साधू तालाब के पास की हैं जहां आरोपी छुट्टन रजक, भरत रजक और छुट्टन की पत्नीड ने मिलकर जमीन की रंजिश को जयंती और तेहारा बाई के साथ मारपीट किया जब विजय और नरेश बीचबचाव करने गए तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। घटना में जयंती बाई और तेहारा बाई की मौके पर ही मृत्यु हो गई। विजय और नरेश गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची घायलों का इलाज के लिए अस्प ताल भेज, प्रकरण में मर्ग जांच कर आरोपियों के विरूद्व प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्व कर गिरफ्तार किया। प्रारंभिक विवेचना और घटना स्थआल पर प्राप्तं सामग्री एवं आरोपितों की निशादेही पर अपराध में प्रयुक्तर सामग्री को जप्त करते हुए वैज्ञानिक साक्ष्यट संकलन हेतु डीएनए जांच परिणाम व प्रत्येक्षदर्शीयों के कथन भी लेखबद्व कर प्रकरण में अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम की धारा को बढ़ाते हुए विवेचना तत्कारलीन एसडीओपी द्वारा की गई। संपूर्ण साक्ष्यक संकलन प्रश्चाात अभियेाग पत्र न्या यालय में प्रस्तु त किया गया।

प्रकरण अत्यंयत ही गंभीर होने पर जिलादण्डारधिकारी की अध्य क्षता में गठित कमेटी द्वारा चिंहित प्रकरणों की श्रेणी में रखा गया। अभियेाजन अधिकारी द्वारा साक्ष्य और गवाह न्या यालय में प्रस्तुंत किया जहां न्या यालय ने दोनों पक्षों को सुनने और संपूर्ण साक्ष्ये पर विचार करने के पश्चासत आरोपियों को सजा सुनाई।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला