अनूपपुर : निर्जला एकादशी पर हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र नर्मदा में लगाई आस्था की डुबकी
अनूपपुर, 25 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की प्रमुख धार्मिक, आध्यात्मिक तीर्थ नगरी अमरकंटक में गुरुवार को ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी (भीमसैनी ग्यारस) एवं स्वाती नक्षत्र के संयोग पर हजारों श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा के पवित्र जल में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने स्नान, ध्यान, पूजन-अर्चन एवं दर्शन कर सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की।
निर्जला एकादशी के अवसर पर जिला मुख्यालय अनूपपुर, शहडोल, छत्तीसगढ़ के गौरेला, पेंड्रा, मरवाही, कोरबा, बिलासपुर, लोरमी एवं मुंगेली इसके अतिरिक्त राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु अमरकंटक पहुंच कर धर्म लाभ अर्जित करने के लिए आए।
प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं का नर्मदा तटों पर पहुंचना प्रारंभ हो गया था। श्रद्धालु अपने परिवारजनों एवं स्वजनों के साथ मां नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाकर जप, तप, साधना और पूजा-अर्चना में जुटे रहे। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा उद्गम स्थल स्थित पवित्र कुंड में आचमन एवं स्नान कर नर्मदा मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा के समक्ष अपने परिवार की कुशलता, सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य, यश एवं उत्तरोत्तर प्रगति की कामना की। अनेक श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन के साथ पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विधिवत पूजन-अर्चन एवं आरती संपन्न की।
नर्मदा उद्गम के रामघाट, कोटितीर्थ कुंड, पुष्कर बांध तथा आरंडी संगम सहित विभिन्न स्नान स्थलों पर पूरे दिन श्रद्धालुओं द्वारा स्नान, ध्यान एवं पूजन-अर्चन का क्रम जारी रहा। हालांकि गत वर्षों की तुलना में इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या कुछ कम दिखाई दी। स्थानीय लोगों के अनुसार इसका प्रमुख कारण किसानों का खेती-किसानी के कार्यों, जुताई एवं बुवाई में व्यस्त होना माना जा रहा है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार निर्जला एकादशी का व्रत एवं स्नान वर्ष की सभी एकादशियों के समान पुण्यफल प्रदान करने वाला माना जाता है। इसी कारण इस पावन अवसर पर अमरकंटक में श्रद्धालुओं की विशेष आस्था देखने को मिली।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला