दो महीने तक कोमा में रहे तीसरी के छात्र की मौत, शव लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे परिजन
परिजनाें ने शिक्षिका पर लगाया पिटाई का आरोप, एसआईटी जांच के आदेश
दमोह, 16 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में एक निजी स्कूल के 7 वर्षीय छात्र की भोपाल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि स्कूल में होमवर्क पूरा नहीं करने पर शिक्षिका द्वारा की गई पिटाई के बाद ही उसकी हालत बिगड़ी थी। घटना के बाद परिवार में गहरा शोक और आक्रोश है।
शनिवार सुबह परिजन बच्चे का शव लेकर दमोह एसपी कार्यालय पहुंचे और न्याय की मांग करते हुए स्कूल प्रबंधन तथा संबंधित शिक्षिका के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर जांच शुरू कर दी है।
होमवर्क नहीं करने पर पिटाई का आरोप
मृतक बच्चा तेंदूखेड़ा निवासी काव्य नामदेव आईईएस पब्लिक स्कूल में तीसरी कक्षा का छात्र था। परिजनों के अनुसार, 19 फरवरी को कक्षा शिक्षिका देवींद्री ठाकुर ने होमवर्क पूरा नहीं करने पर उसे स्केल से हाथ, पैर और सिर पर मारा था। परिवार का कहना है कि उसी दिन से बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। उसे तेज बुखार आया, उसने खाना-पीना छोड़ दिया और धीरे-धीरे उसकी हालत गंभीर होती चली गई। पहले काव्य का इलाज तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया, लेकिन स्थिति बिगड़ने पर उसे भोपाल के चिरायु अस्पताल रेफर किया गया। परिजनों का दावा है कि एमआरआई रिपोर्ट में सिर में सूजन की पुष्टि हुई थी। इसके बाद काव्य का इलाज जबलपुर के अपोलो अस्पताल और फिर भोपाल एम्स में चला, जहां करीब दो महीने तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद शुक्रवार शाम उसकी मौत हो गई।
परिजनाें ने लगाई न्याय की गुहार
मृतक के मामा हेमंत नामदेव ने बताया- हम लोग भोपाल से शव लेकर दमोह एसपी ऑफिस पहुंचे l वहां से हमें जिला अस्पताल पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। उन्हाेंने आरोप लगाया कि शुरुआती शिकायत के बावजूद पुलिस ने उनकी बात के अनुसार रिपोर्ट दर्ज नहीं की। उनका कहना है कि शिकायत में जिन लोगों के नाम दिए गए थे, उन्हें हटा दिया गया। परिवार ने कलेक्टर, एसपी और जिला शिक्षा अधिकारी से भी शिकायत की थी, लेकिन समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों का कहना है कि यदि मामले को गंभीरता से लिया जाता, तो शायद बच्चे की जान बचाई जा सकती थी। अब बच्चे की मौत के बाद परिवार शिक्षिका के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहता है।
पुलिस बोली- एसआईटी करेगी निष्पक्ष जांच
घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली टीआई मनीष कुमार जिला अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। तेंदूखेड़ा थाना प्रभारी रवींद्र बागरी ने बताया कि घटना के समय शिक्षिका के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया गया था। अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और मेडिकल दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है।
स्कूल प्रबंधन का पक्ष
स्कूल संचालक विक्रम सिंह ने कहा कि शिकायत सामने आने के बाद संबंधित शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि स्कूल प्रबंधन ने बच्चे के इलाज में आर्थिक सहायता भी दी और निष्पक्ष जांच में पूरा सहयोग करेगा। इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में बच्चों के साथ व्यवहार और अनुशासन के तरीकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे