अनूपपुर: सामतपुर-हर्री मार्ग पर तीन वर्षो से बन रहा तिपान नदी पर पुल का काम रूका
अनूपपुर, 08 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिला मुख्यालय के सामतपुर-हर्रीबर्री गांव को कोलमी-फुनगा से जोड़ने वाले पुल का निर्माण कार्य बुधवार को रुक गया।
पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश की वजह से तिपान नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। यह पुल 367.74 लाख रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। काम में इस्तेमाल होने वाली भारी मशीनों को लाने-ले जाने के लिए नदी में जो अस्थायी रास्ता बनाया गया था, वह पानी के तेज बहाव में बह गया है। इसके चलते ठेकेदार ने काम पूरी तरह बंद कर दिया है।
अब इस बात की पूरी संभावना है कि पुल का काम बारिश का मौसम खत्म होने के बाद ही दोबारा शुरू हो पाएगा। काम रुकने की वजह से फिलहाल मजदूर भी अपने-अपने घरों को लौट गए हैं।
ठेकेदार के कर्मचारी धीरेंद्र द्विवेदी ने बताया कि पुल का बाकी काम नदी के दूसरे छोर पर होना है, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए बनाया गया अस्थायी रास्ता बह चुका है। इसके साथ ही, ग्रामीणों के आने-जाने के लिए बनाया गया अस्थायी रास्ता भी पानी में डूब गया है, जिससे लोगों का आवागमन बंद हो गया है। वहीं रास्ता बंद होने की वजह से अब ग्रामीणों को अनूपपुर जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए 7 से 8 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा। इससे स्कूल जाने वाले बच्चों की परेशानी बहुत ज्यादा बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि सामतपुर से हर्री-बर्री तक तिपान नदी पर बन रहा यह पुल कम समय और कम दूरी का इकलौता जरिया है, लेकिन पिछले 6 सालों से यह पुल लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बना हुआ है। यह पुल सामतपुर से हर्री-बर्री, भगताबांध, पसला, बिजौड़ी, चातरहिया, रक्शा, कोलमी, अमगंवा, छुलकारी और फुनगा समेत करीब दर्जन भर से ज्यादा गाँवों को आपस में जोड़ता है।
3 साल से चल रहा है निर्माण, मजदूरों की कमी से हुई देरी
सेतु/पुल निगम शहडोल पिछले तीन साल से इस पुल का निर्माण करवा रहा है। अभी नदी के दूसरे छोर पर दो स्लैब की ढलाई का काम बाकी है, लेकिन जिस जगह यह काम होना है, वह हिस्सा इस समय नदी की मुख्य धारा बन चुका है।
सेतु निगम के एसडीओ प्रदीप सिंह बघेल ने बताया कि मार्च-अप्रैल के महीने में मजदूरों की कमी की वजह से काम की रफ्तार धीमी रही। अगर मजदूर कम नहीं होते, तो बारिश शुरू होने से पहले यानी जून के महीने तक पुल की ढलाई का काम पूरा कर लिया जाता और इसे मोटरसाइकिल व पैदल आने-जाने वालों के लिए खोल दिया जाता।
110 मीटर लंबा बन रहा है पुल, पहले हो चुका है क्षतिग्रस्त
इस पुल को 110 मीटर लंबा और 8.40 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है। इतिहास की बात करें तो, 9 अक्टूबर 2019 को यह पुल सोन नदी के तल में धंसते हुए करीब 4-5 फीट नीचे 'वी-शेप' में बैठ गया था। इसके बाद साल 2020 में सामतपुर की तरफ का दूसरा छोर भी पूरी तरह टूट गया था, जिसके बाद लोक निर्माण विभाग भोपाल ने 4 अक्टूबर 2021 को इसके पुनर्निर्माण का आदेश जारी किया था।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला