शहडोल: लगातार बारिश से बाणसागर डैम का जलस्तर 341.64 मीटर पहुंचा
शहडोल, 25 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले जिले में लगातार तीन दिनों से हो रहीं बारिश जो शुक्रवार को भी जारी हैं। सुबह से शहडोल शहर सहित बुढ़ार, धनपुरी, जैतपुर, गोहपारू, जयसिंहनगर, ब्यौहारी और पपौंध में रुक-रुककर बारिश हुई।
लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आई और मौसम में ठंडक घुल गई। कई इलाकों की सड़कों और बाजारों में बारिश का असर दिखा। बारिश के बीच बाणसागर डैम का जलस्तर शुक्रवार दोपहर 12 बजे 341.64 मीटर दर्ज किया गया। यह डैम के पूरे भरने के स्तर 341.64 मीटर के बराबर है। जलाशय में 5429.60 MCM लाइव स्टोरेज है और यह 100 प्रतिशत भर गया है।
डैम में 812 क्यूमेक्स पानी आ रहा है, जबकि कुल 490.80 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। स्पिलवे के तीन रेडियल गेट नंबर 9, 10 और 11 को 0.25-0.25 मीटर खोला गया है। इन तीनों गेटों से 158 क्यूमेक्स पानी निकल रहा है। इसके अलावा PH-III से 174.30, HR से 150, RBC से 2.50 और भितरी से 1 क्यूमेक्स पानी भी छोड़ा जा रहा है।
देवलोंद स्टेशन पर शुक्रवार सुबह 8 बजे तक 11.43 मिमी बारिश दर्ज की गई। यहां इस सीजन की कुल बारिश 917.87 मिमी हो गई है। सितंबर के आखिरी हफ्ते की इस बारिश का असर फसलों की हालत और खेत में पानी रुकने की अवधि पर निर्भर करेगा। जिन खेतों में नमी कम थी, वहां यह बारिश धान समेत खरीफ फसलों के लिए राहत दे सकती है। साथ ही मिट्टी में नमी बढ़ने से आने वाली रबी फसल की तैयारी में भी फायदा हो सकता है।
हालांकि, लगातार तेज बारिश से खेतों में पानी भरने पर धान, मक्का, उड़द और अन्य पक रही खरीफ फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। ज्यादा नमी से फसल में सड़न, फफूंद और दाने खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।
इस बारिश को किसानों के लिए राहत और सावधानी, दोनों के तौर पर देखा जा रहा है। जिन खेतों में पानी जमा हो रहा है, वहां पानी निकालने का इंतजाम करना जरूरी है। वहीं, पकने की अवस्था में पहुंच चुकी फसलों को बेवजह खेत में ज्यादा देर तक छोड़ना नुकसान बढ़ा सकता है।
मनीष शुक्ला
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला