अनूपपुर: नीलकंठ कर रहा ठेका शर्तों की अनदेखी, स्थानियों को रोजगार तो आंदोलन की चेतावनी
अनूपपुर, 09 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के एसईसीएल जमुना कोतमा एरिया अंतर्गत आमाडांड खुली खदान में कार्यरत नीलकंठ प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर ठेका अनुबंध की शर्तों का पालन न करने के गंभीर आरोप लगाते हुए परिवहन मोर्चा अठावले के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कलेक्टर के नाम अपर कलेक्टर दिलीप पांडेय को समस्याओं के निराकरण के लिए 9 सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए कहा है कि नीलकंठ कंपनी द्वारा स्थानिय ड्राइवरों, मजदूरों और प्रभावित किसानों को रोजगार नहीं दिया जा रहा, जबकि ठेका शर्तों में इसका स्पष्ट प्रावधान है। संगठन का आरोप है कि आमाडांड माइंस का ठेका जिन शर्तों पर दिया गया था, उन्हें अब तक लागू नहीं किया गया है। इस पूरे मामले में एसईसीएल जमुना/कोतमा प्रबंधन और आमाडांड उपक्षेत्रीय प्रबंधन की मिलीभगत होने की बात भी कही गई है। सप्ताह के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम किया जाएगा,
स्थानिय भर्ती का नहीं हो रहा पालन
परिवहन मोर्चा के सचिव रविशंकर ने बताया कि ठेका अनुबंध के अनुसार 70 प्रतिशत स्थानिय ड्राइवर और मजदूरों की नियुक्ति अनिवार्य है, लेकिन वर्तमान में बाहरी राज्यों के लोगों से काम कराया जा रहा है। वहीं स्थानीय बेरोजगार रोजगार के लिए भटक रहे हैं। मप्र पुनर्वास नीति 1991 का हवाला देते हुए कहा कि जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई है, उन्हें न तो उचित मुआवजा मिला और न ही रोजगार या प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई। इससे प्रभावित परिवारों की आजीविका संकट में है।
प्रदूषण से बढ़ रही बीमारियां
संगठन ने भारी वाहनों के संचालन से क्षेत्र में प्रदूषण बढने का भी आरोप लगाते हुए बताया कि दमा, क्षयरोग और हृदय रोग जैसी बीमारियों में इजाफा हो रहा है, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण के ठोस उपाय नहीं किए जा रहे। माइंस संचालन के दौरान बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की जा रही है, जबकि पर्यावरण संतुलन के लिए नए पौधरोपण नहीं किए जा रहे। संगठन ने प्रबंधन से तत्काल पौधरोपण की मांग की है।
ठेका निरस्त करने की चेतावनी
मांग पत्र में वाहन चालकों से चेक पोस्टों पर अवैध एंट्री वसूली का मुद्दा भी उठाया गया, साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि कंपनी केंद्रीय नोटिफिकेशन व ठेका शर्तों का पालन नहीं करती, तो ठेका निरस्त करने की कार्रवाई की जाए। नीलकंठ प्राइवेट कंपनी में ओबी रिनुअल के कार्य में संलग्र वाहन डंफर चालक बाहरी राज्यों से हैं लोकल बेरोजगार इधर-उधर घूम रहे हैं इसको नौकरी में रखा जाये।
एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं तो चक्का जाम
परिवहन मोर्चा ने प्रशासन को चेताया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आमाडांड माइंस उपक्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन की होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला