अनूपपुर: कई दिनों बाद जंगल से निकले तीनों हाथी, मटर की फसल को बनाया आहार
अनूपपुर, 09 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में 18 दिन पूर्व छग सीमा लांध कर आए तीन हाथियों का समूह निरंतर जैतहरी क्षेत्र के धनगवां बीट के जंगल में विचरण कर रहें है, जो कई दिन बाद गुरुवार-शुक्रवार की रात्रि जंगल से निकल कर एक किसान के खेत में लगी मटर की फसल को अपना आहार बनाते हुए सुबह होते ही वापस जंगल चले गए।
ज्ञात हो कि तीन हाथियों का समूह 23 दिसंबर की रात छत्तीसगढ़ की सीमा पार कर अनूपपुर जिले के जैतहरी के धनगवां वन बीट के जंगल में 18 दिन से दिनों से डेरा जमाये बैठे हैं जो विगत कई दिनों से रात के समय भी जंगल में ही रहे हैं, गुरुवार-शुक्रवार की रात्रि तीनों हाथी धनगवां बीट के कुसुमहाई गांव से लगे झंडीटोला के पास से किसान वीरन नापित के खेत में लगी मटर की फसल को अपना आहार बनाते हुए चोई गांव के गोढाटोला एवं धनगवां पंचायत के दर्रीटोला तक विचरण करते हुए शुक्रवार की सुबह फिर से धनगवां के जंगल के अंदर चले गए।
हाथियों के निरंतर विचरण पर वन विभाग द्वारा दो अलग-अलग स्तर पर गश्ती दल तैयार कर ग्रामीणों की मदद से रात भर ग्रस्त करते हुए ग्रामीणों को सतर्क एवं कर रहे हैं। वहीं जंगल से लगे कुछ ग्रामीण अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए हिदायत दिए जाने के बाद भी घनघोर जंगल के मध्य पहुंच रहे हैं जिससे कभी भी किसी भी तरह की अनहोनी घटना घट सकती है। हाथियों का समूह दिन के समय स्वतंत्र रूप से एकांत में वन क्षेत्र में विश्राम करते हैं जिन्हें मनुष्य के चलने या उनके रहने की आहट मिलने पर कभी भी आक्रोशित हो कर हमला कर सकते हैं। वन विभाग एवं ग्राम पंचायतो के द्वारा ग्रामीणों को दिन के समय जंगल नहीं जाने की हिदायत एक बार फिर से दी गई है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला