राज्य सरकार प्रदेश में रोजगारपरक उद्योगों की स्थापना को कर रही है प्रोत्साहित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से 900 एमएसएमई यूनिट्स को 360 करोड़ रुपये से अधिक की वितरित की प्रोत्साहन राशि
भोपाल, 14 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और रोजगार सृजन में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश सरकार रोजगारपरक उद्योगों को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है तथा वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश में एक करोड़ एमएसएमई इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित 'समृद्ध एमएसएमई-विकसित मध्य प्रदेश' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सिंगल क्लिक के माध्यम से 900 एमएसएमई इकाइयों को 360 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि वितरित की। साथ ही विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को ऋण, भूमि आवंटन पत्र और स्टार्टअप प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 24 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां संचालित हैं, जिनसे सवा करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। इनमें 4.41 लाख से अधिक इकाइयों का संचालन महिलाएं कर रही हैं, जो महिला सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आगामी ढाई वर्षों में एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए 4,500 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य हर जिले में उद्योग, हर परिवार में रोजगार और हर युवा को अवसर उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में औद्योगिक भूमि आवंटन की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। पिछले ढाई वर्षों में 30 नए औद्योगिक क्षेत्र और 14 क्लस्टर स्वीकृत किए गए हैं, जबकि 1,063 भूखंड उद्यमियों को आवंटित किए जा चुके हैं। आने वाले वर्षों में 60 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने तथा 6,000 से अधिक भूखंड आवंटित करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है और पिछले 12 वर्षों में एमएसएमई क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। प्रदेश के उत्पाद अब राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप इकोसिस्टम का उल्लेख करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में 7,400 से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं, जिनमें लगभग 50 प्रतिशत का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत पिछले ढाई वर्षों में 23,500 से अधिक युवाओं को 1,630 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप रैंकिंग में मध्यप्रदेश को ‘लीडर’ श्रेणी का सम्मान प्राप्त हुआ है।
राज्य शासन की हैंडहोल्डिंग नीतियों से प्रदेश के युवा उद्यमी वैश्विक स्तर पर बना रहे हैं पहचान
सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश को औद्योगिक विकास में आगे रखने के लिए अनथक परिश्रम किया है। वे प्रदेश के विभिन्न जिलों में सभी वर्ग के उद्यमियों के साथ संवाद कर रहे हैं। प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर में अभूतपूर्व विकास हुआ है। प्रदेश की जीडीपी में कृषि की 40 प्रतिशत और उद्योगों की हिस्सेदारी मात्र 19 प्रतिशत थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे बदलने का संकल्प लिया है, उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश बदल रहा है। प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार हो रहा है। राज्य शासन की हैंडहोल्डिंग नीतियों के परिणाम स्वरूप प्रदेश के युवा उद्यमी राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
प्रदेश की सभी विधानसभाओं में कम से कम एक एमएसएमाई सेंटर किया जायेगा विकसित
प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन तथा सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग राघवेंद्र सिंह ने पिछले ढाई वर्षों की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रदेश में पिछले ढाई वर्षों में निवेश सहायता के रूप में 6 हजार 136 एसएसएमई उद्यमियों को 3 हजार 723 करोड़ राशि दी गई है। उसके पहले के ढाई साल में केवल 1245 करोड़ की राशि प्रदान की गई थी। प्रदेश की नई औद्योगिक नीति तीव्र, पारदर्शी और उद्योग अनुकूल है। पिछले एक वर्ष में उद्यमियों को 1000 से अधिक भूखंड आवंटित किए गए हैं। प्रदेश में 44 नए औद्योगिक क्षेत्र और क्लस्टर प्रस्तावित हैं। अगले ढाई साल में राज्य में 30 नए क्लस्टर और 20 नई कॉमन फैसिलिटी विकसित की जाएगी। अगले ढाई से तीन वर्षों में उद्योगों को 5000 नए भूखंड आवंटित होंगे। सरकार की मंशा है कि प्रदेश की सभी विधानसभाओं में कम से कम एक एमएसएमाई सेंटर विकसित किया जायेगा। इसके लिए अब तक 76 विधानसभाओं में स्थान चिह्नित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किए हितलाभ वितरित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत इन्दौर के रवि बोबड़े तथा रेखा वर्मा और भोपाल के सुधीर कुमार शर्मा व मोहम्मद शिफर को ऋण राशि के चैक प्रदाय किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी की जयश्री रैकवार, कटनी की भारती चौधरी व रामप्रसाद लड़िया और अनूपपुर के नागेश सिंह नरवरिया को भूमि आंवटन के लिए आशय पत्र प्रदान किए। निवाड़ी के सागर जामरा को भूमि आवंटन आदेश प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति-2025 के अंतर्गत ऐरी राइड्स प्रायवेट लिमिटेड इंदौर की संस्थापक आरती मतानी, ग्लाफिक्स इंडस्ट्रीज प्रायवेट लिमिटेड भोपाल के अरिहंत आर्या, कोनार्क एग्रो. सोल्युशन्स भोपाल के सौरभ गोस्वामी और सर्विस जेट प्राइवेट. लिमिटेड भोपाल के दिनेश चांदवानी को सहायता राशि प्रदान की गई। कार्यक्रम में उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि, बैंकिंग संस्थानों के पदाधिकारी, निवेशक, स्टार्टअप संस्थापक, युवा उद्यमी तथा प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए हितग्राही बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे