राज्य सरकार गांवों को समृद्ध बनाने के लिए संकल्पितः मंत्री पटेल

 


आगरमालवा, 17 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलादसिंह पटेल ने आगरमालवा जिले की ग्राम बैजनाथ निपानिया में शनिवार को आयोजित पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में चहुंओर विकास की बयार बह रही है। प्रदेश में भी मुख्यमंत्री डॉ, मोहन यादव के नेतृत्व में प्रत्येक क्षेत्र में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांवों को समृद्ध बनाने के लिए संकल्पित है। गांव समृद्ध होंगे तो लोगों का गांवों से पलायन रुकेगा और शहरों से गांवों की ओर लौटने की प्रवृत्ति बढ़ेगी। उन्होंनेकहा कि आज शुद्ध ऑक्सीजन की तलाश में शहरों का व्यक्ति गांवों की ओर लौट रहा है। उन्होंने पर्यावरण एवं जल संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि पर्यावरण की चिंता आज पूरे विश्व की चिंता है। अधिक से अधिक पौधरोपण एवं जल संरक्षण कर आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य देना हम सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि नदियों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। नदी के उद्गम स्थलों पर सीमेंट-कंक्रीट के निर्माण न करे और वहां अधिक से अधिक पौधे लगाए जाएं। मंत्री श्री पटेल ने सरपंचों एवं सचिवों से आह्वान किया कि पंचायत स्तर पर पौधरोपण एवं जल संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता दें। पंचायतों में विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। पिछले वर्षों में सरकार ने पंचायतों के अधिकारों में वृद्धि के साथ खर्च की सीमा भी बढ़ाई है। पंचायत भवन दो मंजिला एवं तीन मंजिला बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नौजवान पीढ़ी ही संस्कृति और विरासत की रक्षा कर सकती है। हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ एवं चरित्रवान बनाएं। उन्होंने मोबाइल को आज का खतरनाक नशा बताते हुए बच्चों में खेलकूद के प्रति रुचि बढ़ाने पर बल दिया।

मंत्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र गरीब परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराया गया है। मध्य प्रदेश में सबसे अधिक लगभग 11 लाख 66 हजार से अधिक आवासों का निर्माण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 तक आवास प्लस की सूची का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रत्येक गरीब परिवार को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है, जिससे जरूरतमंदों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल रही हैं। सरकार द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं में शत-प्रतिशत सैचुरेशन लाकर आम नागरिकों की समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि राज्य सरकार संबल जैसी योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी दे रही है। संबल योजना के अंतर्गत दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपये तथा सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। सरकार हर व्यक्ति के दुख में उसके साथ खड़ी है। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक गांव को पक्की सड़क से जोड़ा जाएगा। इसके लिए प्रदेश में 20 हजार 600 परिसरों को चिन्हित किया गया है, जहां सड़कों का निर्माण किया जाएगा।

मंत्री पटेल ने बताया कि प्रदेश की 1472 ग्राम पंचायतों में अटल सेवा सदन का निर्माण किया जा चुका है। जिन ग्राम पंचायतों के भवन 30 से 35 वर्ष पुराने हैं, उन्हें डिस्मेंटल कर वहां भी अटल सेवा सदन बनाए जाएंगे। इसके लिए उन्होंने पुराने पंचायत भवन की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में शमशान भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां भूमि आवंटित की जाएगी। साथ ही शमशान भूमि से अतिक्रमण हटाकर तार फेंसिंग एवं पहुंच मार्ग में सीसी रोड का निर्माण कराया जाएगा। मंत्री पटेल ने बताया कि सभी गांवों, गरीबों और किसानों के चहुमुखी विकास एवं जरूरतमंदों को ग्राम स्तर पर रोजगार दिलाने के लिए ही केन्द्र सरकार द्वारा विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अर्थात वीबी जी-राम-जी अधिनियम 2025 लागू किया गया है। ’हर हाथ को काम’ मुहैया कराने के लिए इस अधिनियम में एक ग्रामीण परिवार को अब 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है।वीबी जी-राम-जी योजनागांवों की तस्वीर बदल देगी है। यह गरीबों, खेतीहर मजदूरों, किसानों सभी के लिए बेहद लाभकारी है। इस योजना से गांवों के विकास को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंनेकहा कि पहले किसानों को कृषि से जुड़े कामों के लिए श्रमिक ही नहीं मिलते थे, पर वीबी जी-राम-जी योजना में कृषि के व्यस्ततम समय, विशेषकर बुवाई और कटाई के समय पर्याप्त मात्रा में कृषि श्रमिकों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है। इस अधिनियम में राज्यों को एक वित्त वर्ष में कुल 60 दिन की अवधि अधिसूचित करने का प्रावधान किया गया है, बीज बुवाई एवं फसल कटाई की व्यस्ततम समयावधि को भी रोजगार उपलब्ध कराने की अवधि में शामिल किया जा सकेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / रितेश शर्मा