रामादल अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों के साथ आठ अखाड़ों के संत-महंतों ने देखी तैयारियां

 




उज्जैन, 09 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के लिए शहर और आसपास के क्षेत्रों में किए जा रहे निर्माण कार्यो का भ्रमण गुरूवार को संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेलाधिकारी आशीष सिंह एवं कलेक्टर रौशनकुमार सिंह ने रामादल अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों के साथ आठ अखाड़ों के स्थानीय संत-महंतों को करवाया। मौके पर संतों-महंतों ने कहा कि सिंहस्थ का आयोजन इस बार अद्भुत, अकल्पनीय और ऐतिहासिक होगा। अभी तक हमने सोचा भी नही था कि सिंहस्थ के ऐसे बड़े कार्य इतनी तेजी से हो रहे है।

कलेक्टर रोशनकुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर सिंहस्थ अंतर्गत प्रचलित विकास कार्यों का निरीक्षण संभागायुक्तआशीष सिंह के निर्देशन में करवाया गया। गुरूवार सुबह दो ट्रेवलर वाहनों से संत-महंतों के दल को लेकर निकले। रामादल अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रामेश्वरदास महाराज के नेतृत्व में बैरागियों के अखाड़े, बड़ा उदासीन, नया उदासीन, निर्मल, महानिर्वाणी, अटल अखाड़ा सहित आठ अखाड़ों के स्थानीय संत-महात्मा शामिल हुए। संतों ने सबसे पहले त्रिवेणी शनि मंदिर के पास निर्माणाधीन घाट का निरीक्षण किया। शिप्रा नदी पर बन रहे घाटों की जानकारी ली। घाट निर्माण को लेकर संतों ने कहा कि इससे पहले इतने बड़े स्तर पर घाट निर्माण कार्य नही देखा था। शिप्रा के किनारे घाट निर्माण होने से सिंहस्थ महापर्व के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं को मोक्षदायिनी शिप्रा में स्नान का लाभ मिलेगा। कार्य अवलोकन के दौरान निर्मोही अखाड़ा के महंत भगवान दास, चरणदास ,महंत महेशदास, महंत दिग्विजयदास, निर्वाणी अखाड़ा के महंत राजीव लोचन दास, नाथ सम्प्रदाय ऋणमुक्तेश्वर मंदिर के महंत महावीरदास शामिल थे।

संतों के दल ने घाट निर्माण कार्य के बाद चिंतामन जवासिया में कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना कार्य का निरीक्षण किया। जमीन से 24.5 मीटर की गहराई में उतरकर निर्माणाधीन टनल के कार्य को देखा। कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना की कुल लम्बाई 30.15 किमी है, जिसमे 18.15 किमी लम्बाई में कटकवर द्वारा क्लोज डक्ट का निर्माण होना है। 12 किमी लम्बाई में टनल का निर्माण किया जा रहा है। टनल भाग के निर्माण में 4 शाफ्ट भी बनाई जाएगी। जिससे टनल में पहुंचकर साफ सफाई के लिए पहुंच मार्ग उपलब्ध होगा। इसके बाद संतों ने हरिफाटक से रिंग रोड़ दाऊदखेड़ी पर शिप्रा नदी पर समानांतर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण देखा। यहां 12 मीटर चौड़े और 240 मीटर लंबे समानांतर पुल का निर्माण हो रहा है। इस पुल के निर्माण होने के बाद इंदौर, देवास, भोपाल की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

अवलोकन के बाद संभागायुक्त आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने विभिन्न अखाड़ों से आए स्थानीय सभी संत-महंतों का सम्मान किया। संतों की ओर से रामादल अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रामेश्वरदास और महावीर दास ने संभागायुक्त और कलेक्टर का सम्मान किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्‍वेल