अनूपपुर: पवित्र नगरी अमरकंटक का सुहाना मौसम पर्यटकों को कर रहा आकर्षित

 




अनूपपुर, 22 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की पावन धरा पर स्थित मां नर्मदा उद्गम स्थली अमरकंटक इन दिनों अपने अद्भुत, मनोहारी और शीतल मौसम के कारण मानो प्रकृति के एक जीवंत चित्र के रूप में खिल उठी है। यहां का सुरम्य वातावरण, हरितिमा से आच्छादित पर्वत शृंखलाएं और मंद-मंद बहती ठंडी हवाएं पर्यटकों, तीर्थयात्रियों एवं श्रद्धालुओं को अपनी ओर सम्मोहित कर रही हैं।

अमरकंटक के मौसम में इन दिनों एक विशेष प्रकार की ताजगी और आध्यात्मिक शांति का समावेश महसूस किया जा रहा है। आकाश में सूर्य और बादलों के बीच चल रही लुका-छिपी जैसे किसी चित्रकार की कल्पना को साकार कर रही हो। धूप की कोमल किरणें जब बादलों के आवरण से छनकर धरती पर उतरती हैं, तो वातावरण में एक अलौकिक आभा का संचार हो उठता है।

जहां प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में तापमान 39 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचकर लोगों को तपिश का एहसास करा रहा है, वहीं मैकल पर्वत की गोद में बसी अमरकंटक नगरी में रविवार का अधिकतम तापमान लगभग 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। यह तापमान का संतुलन यहां के वातावरण को और अधिक सुखद, समशीतोष्ण एवं आनंददायक बना रहा है।

साल वृक्षों से आच्छादित वनांचल से गुजरती शीतल हवाएं न केवल वातावरण को ठंडा कर रही हैं, बल्कि मन-मस्तिष्क को भी एक अनोखी शांति प्रदान कर रही हैं। यहां की वायु गुणवत्ता सूचकांक 39 दर्ज की गई है, जो इस क्षेत्र की स्वच्छता और प्राकृतिक शुद्धता का सजीव प्रमाण है। हाल ही में हुई हल्की वर्षा और तेज हवाओं ने अमरकंटक की वादियों को और अधिक निखार दिया है। वर्षा की बूंदों से धुली प्रकृति और भी अधिक हरित, ताजगीपूर्ण और आकर्षक प्रतीत हो रही है। यही कारण है कि यहां आने वाले पर्यटक अपनी अपेक्षाओं से कहीं अधिक सुखद अनुभव प्राप्त कर रहे हैं। बाहर से आए श्रद्धालु और पर्यटक इस मनमोहक वातावरण की सराहना करते नहीं थक रहे। वे अपने परिजनों और परिचितों को दूरभाष के माध्यम से यहां की अनुपम छटा का वर्णन करते हुए उन्हें भी इस प्राकृतिक सौंदर्य का साक्षी बनने का आग्रह कर रहे हैं।

अमरकंटक का यह सुहावना, शीतल और रमणीय मौसम केवल एक भौगोलिक स्थिति नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक और प्राकृतिक अनुभव बनकर हर आगंतुक के हृदय में बसता जा रहा है—जहां प्रकृति और आस्था का अद्भुत संगम सजीव रूप में अनुभव किया जा सकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला