अनूपपुर: विश्व पर्यावरण दिवस पर सांसद ने सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय परिसर में किया पौधरोपण, मंदिर परिसर में की सफाई
अनूपपुर, 05 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर कई कार्यक्रम आयोजित किये गये। सांसद हिमाद्री सिंह ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजेंद्रग्राम स्थित सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय परिसर एवं मंदिर परिसर में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत पौधरोपण कर मंदिर परिसर में स्वच्छता अभियान अंतर्गत साफ-सफाई कार्य में सहभागिता की।
इस अवसर पर उनके साथ उपस्थित सभी लोगों ने प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन एवं आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा उनकी देखभाल करने स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण के निर्माण हेतु जनजागरूकता का संदेश देते हुए प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया।
वहीं जिला प्रशासन ने अमरकंटक में के शंभूधारा में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय पौधरोपण कार्यक्रम में कलेक्टर हर्षल पंचोली ने शंभूधारा तट पर बरगद के पौधे का रोपण किया। इसी प्रकार वनमंडलाधिकारी डेविड व्यंकटराव चनाप ने साल का पौधा, नगर परिषद अध्यक्ष अमरकंटक पार्वती सिंह तथा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पराजगढ़ वसीम अहमद भट्ट ने भी पौधरोपण किया। कार्यक्रम में आम, जामुन, बरगद, पीपल, साल, रुद्राक्ष, अर्जुन, गुलबकावली एवं बरगद सहित अन्य विभिन्न पौधों का जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं एनसीसी के कैडेट्स ने लगभग 50 पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया।
पेड़ पौधों का संरक्षण एवं संवर्धन हमारा दायित्व-कलेक्टर
इस अवसर पर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने संबोधित कहा कि पेड़-पौधों का संरक्षण एवं संवर्धन हम सभी का दायित्व है। पेड़-पौधे हमें जीवन प्रदान करते हैं, इसलिए इनके प्रति सजग एवं संवेदनशील रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत उन्होंने जिले के सभी नागरिकों से अपनी मां के नाम एक पौधा अवश्य रोपने का आव्हान किया। कलेक्टर श्री पंचोली ने कहा कि हमें पेड़ों का संरक्षण करना चाहिए तथा अधिक से अधिक पौधरोपण कर धरती को हरा-भरा बनाने में योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे मानव जीवन की मूल आवश्यकता हैं।
विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान समय में तेजी से हो रहे जलवायु परिवर्तन तथा वनों की अंधाधुंध कटाई चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि असमय बाढ़, भूस्खलन, सूखा एवं जल संकट जैसी प्राकृतिक आपदाओं में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसके प्रमुख कारणों में वृक्षों की निरंतर कटाई शामिल है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो जलवायु परिवर्तन का दुष्प्रभाव और अधिक गंभीर रूप ले सकता है। इस चुनौती से निपटने के लिए वृक्षों की कटाई पर रोक लगाना तथा व्यापक स्तर पर पौधरोपण करना आवश्यक है।
कलेक्टर ने पेड़-पौधों और जल स्त्रोतों के पारस्परिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नदियों एवं वनों का संरक्षण एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है। उन्होंने नर्मदा नदी का उदाहरण देते हुए कहा कि अमरकंटक से उद्गमित होकर गुजरात की खंभात की खाड़ी तक प्रवाहित होने वाली नर्मदा नदी करोड़ों लोगों के लिए जीवनदायिनी है। प्राचीन काल से नदियां और वन मानव सभ्यता के विकास एवं संरक्षण के आधार रहे हैं तथा नदियों की निरंतरता और समृद्धि के लिए सघन वनों का होना आवश्यक है।
3 हजार पौधों का होगा रोपण- वनमंडलाधिकारी
वनमंडलाधिकारी डेविड व्यंकटराव चनाप ने विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 5 जून से 21 जून तक पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरूकता से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों तथा नगर वन सिटी परियोजना के अंतर्गत लगभग 3 हजार पौधों का रोपण किया जाएगा। प्रकृति के संतुलन एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर पौधरोपण की आवश्यकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण एवं संवर्धन में सक्रिय सहभागिता निभाने का आव्हान किया। इसी प्रकार कार्यक्रम को कर्नल श्री ए.के. शर्मा ने भी संबोधित किया। शशिधर अग्रवाल ने एनसीसी कैडेट्स को सर्पदंश के उपचार एवं बचाव तथा अन्य वन्य प्राणियो के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी वन, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग, डीपीएम एनआरएलएम, जनजातीय कार्य विभाग के क्षेत्र संयोजक सहित वन विभाग एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी तथा स्वसहायता समूह की दीदियां, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
जिला जेल में पौधारोपण
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनूपपुर ने 'विश्व पर्यावरण दिवस' के अवसर पर विशेष जागरूकता और पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन जिला जेल में किया। जहां जिला विधिक सहायता अधिकारी बृजेश पटैल ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। और बताया कि स्वच्छ पर्यावरण और स्वस्थ जीवन हमारा कानूनी और नैतिक अधिकार दोनों है। प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने और प्लास्टिक का उपयोग कम करने की अपील की।
इस अवसर पर जिला जेल परिसर में विभिन्न प्रजातियों के छायादार और फलदार पौधे रोपे गए। लीगल एड डिफेंस काउंसिल के असिस्टेंनट आयुष सोनी ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण को नुकसान पहुँचाना कानूनी अपराध है और विधिक सेवा प्राधिकरण लोगों को उनके पर्यावरण संबंधी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम के दौरान जेल कर्मचारियों एंव बंदियों, जिला जेल उप अधीक्षक इंद्रदेव तिवारी एवं उनके सहकर्मियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को हरा-भरा बनाना और आम जनता में प्रकृति के प्रति अपनी सामूहिक ज़िम्मेदारी को बढ़ावा देना था।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला