अशोकनगर: आनन्दपुर ट्रस्ट त्याग चुके महात्माओं की गतिविधियों का मामला फिर प्रशासन तक पहुंचा

 


अशोकनगर,28 फरवरी(हि.स.)। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले का प्रसिद्ध श्री आनन्दपुर फिर विवादों के कारण चर्चा में हैं, मामला फिर पुलिस प्रशासन तक पहुंचा है।

परमहंस अद्वैत मत का विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र आनन्दपुर ट्रस्ट से त्याग पत्र दे चुके महात्माओं की ट्रस्ट में संचालित गतिविधियों के कारण आनन्दपुर चर्चा का केन्द्र बना हुआ है। श्री आनन्दपुर में चल रहीं गतिविधियों की शिकायत लगातार कलेक्टर और एसपी से आनन्दपुर के भक्तों के द्वारा की जा रहीं हैं।

आनन्दपुर के भगत विजय कुमार सिक्का ने शनिवार को बताया कि उनके द्वारा पुलिस अधीक्षक को श्री आनन्दपुर के संबंध में पत्र दिया गया है, इसके पूर्व कलेक्टर को भी पत्र प्रस्तुत किया गया। भगत विजय कुमार सिक्का का आरोप है कि 21 दिसम्बर 2025 को श्री आनन्दपुर ट्रस्ट के दो प्रबंध न्यासियों के त्याग पत्र आने के बाद एक प्रबंध न्यासी अपने गलत पावर का उपयोग कर विचार निर्लेपानन्द आनन्दपुर में सभी कार्यभार संभाल रहा है। आरोप लगाते हुए कहा गया है कि जिसके विरुद्ध कोई भी व्यक्ति बोलने से डरता है। क्योंकि यह तत्कालीन कलेक्टर का भी तबादला करा चुका है। इस कारण से श्री आनन्दपुर से संबंधित सभी व्यक्ति भयभीत हैं।

पत्र में मांग कर कर कहा गया है कि संबंधित महात्मा पर कार्रवाई कर ट्रस्टियों को हटाकर प्रशासन चुनाव प्रक्रिया द्वारा ट्रस्टी नियुक्त करे, ताकि दरबार की गरिमा बनी रहे। यहां श्री आनन्दपुर में संचालित गतिविधियां चर्चा का विषय बन रहीं हैं। इन्हीं गतिविधियों में यहां के तत्कालीन कलेक्टर आदित्य सिंह पर ट्रस्ट के महात्माओं के द्वारा तीन करोड़ रुपये मांगने के आरोप के तत्काल बाद उनका तबादला होना जन चर्चा का केन्द्र बना तथा इसी के साथ आनन्दपुर के एक महात्मा द्वारा तीन करोड़ रुपये न लेने से मुकरना भी चर्चा का विषय रहा। पर अब ट्रस्ट से अपना त्याग पत्र दे चुके महात्मा की आनन्दपुर संचालित गतिविधियों की पुलिस प्रशासन में शिकायतें होने चर्चा का विषय है।

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हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार