अनूपपुर: फ्लाईओवर ब्रिज का गर्डर लॉन्चिंग कार्य पूर्ण, कार्य अब भी अधूरा
अनूपपुर, 15 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिला मुख्यालय का बहुप्रतीक्षित फ्लाईओवर ब्रिज (आरओबी 61) के निर्माण कार्य में एक बड़ी उपलब्धि बुधवार की रात फ्लाईओवर के गर्डर की लॉन्चिंग दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर मंडल के अंतर्गत अनूपपुर यार्ड पर निर्माणाधीन रोड ओवर ब्रिज परियोजना के तहत 57.40 मीटर लंबाई एवं लगभग 360 टन भार वाले आधुनिक बो–स्ट्रिंग गर्डर की उच्च क्षमता वाली विंच मशीन की सहायता से सफलतापूर्वक की गई। यह रोड ओवर ब्रिज बहु-रेल लाइनों के ऊपर से सड़क यातायात को सुरक्षित, सुचारु एवं निर्बाध रूप से संचालित करने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है। रेल परिचालन पर न्यूनतम प्रभाव सुनिश्चित करने हेतु अत्याधुनिक निर्माण तकनीकों का उपयोग किया गया, जिससे गर्डर लांचिंग का यह जटिल कार्य बिना दीर्घकालिक रेल अवरोध के संपन्न किया जा सका। जिसने पुल के एक हिस्से को दूसरे से जोड़ दिया। इस कार्य से अब ब्रिज निर्माण में तेजी आने की उम्मीद है।
गर्डर लांचिंग से पूर्व रोलिंग बीम की स्थापना की गई, तत्पश्चात नियंत्रित एवं चरणबद्ध प्रक्रिया के अंतर्गत विंच मशीन की सहायता से बो–स्ट्रिंग गर्डर को अत्यंत सटीकता एवं सुरक्षित ढंग से अपने निर्धारित स्थान पर स्थापित किया गया। यह तकनीक सक्रिय रेल पटरियों के ऊपर निर्माण कार्य के दौरान संरचनात्मक स्थिरता, उच्च स्तर की सुरक्षा एवं इंजीनियरिंग दक्षता सुनिश्चित करती है। इस कार्य में लगभग 1 घंटे से अधिक का समय लगा, जहां ठेकेदार के 15 वर्करों सहित रेल्वे के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए। इस महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य को देखने के लिए शहर और आसपास के इलाकों से सैकड़ों लोग मौके पर पहुंचे और इस ऐतिहासिक क्षण के गवाह बने। स्थानीय लोगों में इस कार्य को लेकर काफी उत्साह देखा गया। लोगों का कहना था कि फ्लाईओवर बनने से शहर में लगने वाले जाम व लम्बी दूरी से निजात मिलेगी और आवागमन काफी सुगम हो जाएगा। अनूपपुर के विकास की दिशा में यह फ्लाईओवर एक बड़ी सौगात माना जा रहा है, जो आने वाले समय में यातायात व्यवस्था को नया रूप देगा।
रेलवे ओवरब्रिज का सपना होगा साकार
इस महत्वपूर्ण कार्य के पूरा होने के बाद अब सेतु निगम की ओर से दोनों तरफ पिलर और मिट्टी भरने का काम किया जा सकेगा। शहरवासियों ने इस प्रगति पर खुशी व्यक्त की है, क्योंकि यह उनके दशकों पुराने सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उल्लेखनीय है कि इस रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पिछले आठ साल से चल रहा था, जबकि इसे तीन साल में पूरा होना था। परियोजना में राजनीतिक द्वंद्व और रेलवे और प्रशासनिक उदासीनता के कारण देरी हुई।
रेलवे फाटक बंद होने से शहर दो हिस्सों में बंटा
अनूपपुर शहर के मध्य से गुजरने वाली रेलवे फाटक के कारण शहर दो हिस्सों में बंटा हुआ था। फ्लाईओवर ब्रिज के निर्माण के दौरान फाटक पूरी तरह बंद होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। विशेषकर जिला चिकित्सालय आने वाले मरीजों और न्यायालय पहुंचने वाले पक्षकारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, अनूपपुर का मुख्य बाजार भी इस बंद से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ, जिससे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला