इस वर्ष का पहला पूर्ण चन्द्र ग्रहण 3 मार्च को

 


उज्जैन, 27 फ़रवरी (हि.स.)। इस वर्ष का पहला चंद्रग्रहण 3 मार्च को होगा जोकि पूर्ण चन्द्रग्रहण रहेगा। ग्रहण का प्रारंभ अपरांह 3 बजकर 19 मिनट पर होगा। पूर्ण ग्रहण की स्थिति सायं 5 बजकर 3 मिनट पर तथा मोक्ष सायं 6 बजकर 47 मिनट पर होगा। इस प्रकार ग्रहण की अवधि 3 घण्टे 28 मिनट रहेगी। उज्जैन में सूर्यास्त से केवल 17 मिनिट ही ग्रहण की स्थिति रहेगी। हम ग्रहण की स्थिति को नहीं देख सकेंगे।

यह जानकारी शुक्रवार को जीवाजी वेधशाला के प्रभारी अधीक्षक डॉ.आरपी गुप्ता ने दी। उन्होने बताया कि ग्रहण का प्रतिशत 115.5 होने के कारण चन्द्रमा, पूर्ण ग्रहण की स्थिति में रहेगा। चन्द ग्रहण का प्रारंभ अपरांह में होगा। चूंकि इस समय उज्जैन में धूप खिली होगी एवं उज्जैन में सूर्यास्त सायं 6.31 बजे पर है। अत: यह उज्जैन सहिहत पूरे भारत में दृश्य नहीं होगा। क्योंकि हमारे यहां सूर्यास्त सायं 6.31 बजे पर होगा। सूर्य अस्त होते ही पूर्व दिशा में पूर्णिमा का चन्द्रमा आंशिक ग्रहण लगी हुई स्थिति में उदय होगा। ग्रहण समाप्ति का समय सायं 6.45 बजे है। अत: उज्जैन में सूर्यास्त से केवल 17 मिनिट ही ग्रहण की स्थिति रहेगी। चन्द्रमा जब तक क्षितिज से ऊपर दृश्य स्थिति में आयेगा, तब तक ग्रहण मोक्ष हो चुका होगा। इस कारण हम ग्रहण की स्थिति को नहीं देख सकेंगे।

यह चन्द्रग्रहण पूर्वी एशिया, आस्ट्रेलिया. प्रशांत महासागर एवं अमेरिका में दृश्य हांगा एवं भारत के पूर्वी भाग (जहां पर सूर्यास्त जल्दी होता है) देखा जा सकेगा। टेलिस्कोप से ग्रहण देखने की स्थिति, चन्द्रमा को टेलिस्कोप की परिधि में आने पर ही बनती है। चन्द्रमा को क्षितिज से ऊपर टेलिस्कोप की परिधि तक आने के पूर्व ही ग्रहण समाप्त हो जायेगा। अत: हम टेलिस्कोप से ग्रहण को नहीं देख सकेंगे।

डॉ. गुप्त ने बताया कि चन्द्र ग्रहण की स्थिति में पृथ्वी, सूर्य तथा चन्द्रमा के मध्य एक सीधी रेखा में होती है तथा पूर्ण चन्द्रग्रहण की स्थिति में पृथ्वी की छाया से चन्द्रमा का पूर्ण भाग ढक़ता है। ऐसा होने पर सूर्य का प्रकाश चन्द्रमा तक नहीं पहुंच पाता है और हमें पूर्ण चन्द्रग्रहण की स्थिति दिखाई देती है। पूर्ण चन्द्रग्रहण का नजारा बहुत खूबसूरत होता है,इसमें चन्द्रमा धीरे-धीरे ढकते हुए पूर्णता की स्थिति में ताम्रवर्ण (रेड मून) हो जाता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्‍वेल