अनूपपुर: अमरकंटक में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया
अनूपपुर, 04 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ नगरी अमरकंटक में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। यादव समाज द्वारा पहली बार पारंपरिक एवं भव्य स्वरूप में विशाल शोभायात्रा निकाली गई। राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकी, ढोल-नगाड़ों, भक्ति गीतों और पारंपरिक नृत्य के बीच निकली शोभायात्रा से अमरकंटक का वातावरण देर तक कृष्णमय बना रहा।
दोपहर में शोभायात्रा फलाहारी आश्रम से प्रारंभ होकर नर्मदा मंदिर से होते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से स्थानीय बस स्टैंड पहुंची। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में समाज के महिला-पुरुष, युवा एवं बच्चे उत्साहपूर्वक शामिल हुए। भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष और भक्ति गीतों से नगर की आध्यात्मिक फिजा में विशेष उत्साह देखने को मिला।
वृंदावन के कलाकारों ने बांधा समां
शोभायात्रा में वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा प्रस्तुत राधा-कृष्ण की सजीव एवं मनमोहक झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। सुसज्जित झांकी में राधा-कृष्ण स्वरूप कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य एवं भक्ति प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। भगवान श्रीकृष्ण और राधा के स्वरूप में कलाकारों की पारंपरिक प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को ब्रजधाम की भक्ति संस्कृति का साक्षात्कार कराया।
ढोल-नगाड़ों और भक्ति संगीत के साथ यादव समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य करते हुए शोभायात्रा में आगे बढ़ते रहे। डीजे एवं भक्ति गीतों की धुन पर युवाओं और समाज के अन्य लोगों में भी खासा उत्साह नजर आया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने राधा-कृष्ण की झांकी के दर्शन कर स्वागत किया। शोभायात्रा में अनूपपुर, राजनगर, पुष्पराजगढ़, अमरकंटक तथा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही सहित आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से समाज के लोग बड़ी संख्या पहुंचे।
कार्यक्रम में समाज के पूर्व अध्यक्ष भूरा यादव, जिला अध्यक्ष मोहन यादव, ग्रामीण जिला अध्यक्ष शिवदयाल यादव, संरक्षक मंडल सदस्य चंद्रशेखर यादव, अश्विनी यादव, छोटे यादव, लक्ष्मण यादव, छोटेलाल यादव, शोभनाथ यादव, केशव यादव, विजय यादव, जनक यादव, नाथू यादव, कपूर यादव, कौशल यादव, शीतल यादव, गुलाब यादव, कुशल यादव, ईश्वर यादव, सुदामा यादव सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं समाजबंधु शामिल रहे।
शोभायात्रा के उपरांत नगर परिषद अमरकंटक के विशाल सभा हाल में सभा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म, उनके जीवन-दर्शन एवं धर्म, कर्म, नीति, प्रेम तथा लोककल्याण के संदेश पर प्रकाश डाला गया।
वक्ताओं ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन मानव समाज को सत्य, धर्म, कर्तव्य और निष्काम कर्म की प्रेरणा देता है।
श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण ने कर्म और धर्म का जो संदेश दिया, वह आज भी मानव जीवन के लिए मार्गदर्शक है। जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व नहीं, बल्कि उनके आदर्शों एवं जीवन-मूल्यों को आत्मसात करने का अवसर भी है।
अमरकंटक में पहली बार पारंपरिक झांकी का आयोजन
यादव समाज द्वारा आयोजित इस भव्य शोभायात्रा को लेकर समाज के लोगों में विशेष उत्साह रहा। अमरकंटक की धार्मिक एवं आध्यात्मिक गरिमा के बीच राधा-कृष्ण की झांकी और पारंपरिक नृत्य ने आयोजन को विशिष्ट बना दिया। वृंदावन से आए कलाकारों की प्रस्तुति ने शोभायात्रा में ब्रज की भक्ति और सांस्कृतिक परंपरा का रंग भर दिया।
पवित्र नगरी अमरकंटक में नर्मदा की पावन धारा, मंदिरों की आध्यात्मिक आभा और श्रीकृष्ण भक्ति के जयघोष का अद्भुत संगम देखने को मिला। शोभायात्रा के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक परंपराओं का भी संदेश दिया गया। देर शाम तक नगर में श्रीकृष्ण भक्ति के जयघोष गूंजते रहे और जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा एवं उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला