मंदसौरः उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने पशुपतिनाथ मंदिर परिसर से जल गंगा जल संवर्धन अभियान का किया शुभारंभ
मंदसौर, 19 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए गुरुवार को उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भगवान पशुपतिनाथ मंदिर परिसर से जल गंगा जल संवर्धन अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर परिसर में आमजन की सुविधा के लिए निर्मित प्याऊ का लोकार्पण भी किया।
कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में आमजन, पत्रकार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि जल ही जीवन का आधार है और वर्तमान समय में जल संरक्षण अत्यंत आवश्यक हो गया है। जल गंगा जल संवर्धन अभियान के माध्यम से जिले में जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जाएंगे। यह अभियान 30 जून 2026 तक संचालित होगा।
उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत तालाबों, नदियों, कुओं, बावड़ियों सहित अन्य पारंपरिक जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार किया जाएगा। साथ ही इन जल स्रोतों की नियमित साफ-सफाई, गहरीकरण एवं मरम्मत के कार्य भी सुनिश्चित किए जाएंगे, जिससे वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान केवल शासन का नहीं, बल्कि जन-जन का अभियान है। इसमें आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं शासकीय विभागों की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने सभी से अपील की कि जल संरक्षण के इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लें और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखें।
अभियान के तहत जिले में सार्वजनिक जल स्रोतों की व्यापक सफाई से हुई शुरूआत
जिले में जल संरक्षण और जल स्रोतों के पुनर्जीवन के उद्देश्य से गुरूवार से जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ हुआ। इस अभियान के अंतर्गत नगर परिषद मल्हारगढ़ सहित पूरे जिले में सार्वजनिक कुओं, नालों एवं तालाबों की साफ-सफाई और संरक्षण कार्य प्रारंभ किए गए।
नगर परिषद मल्हारगढ़ में अभियान की शुरूआत वार्ड क्रमांक 03 स्थित कान कुईया तथा वार्ड क्रमांक 12 स्थित पुराने दशहरा मैदान में स्थित सार्वजनिक कुओं की सफाई से की गई। इस दौरान कुओं के अंदर एवं आसपास जमा गंदगी को हटाया गया, साथ ही आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान के तहत कुओं पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई भी की गई तथा कुओं पर स्थापित हेडपंपों की मरम्मत एवं सुधार कर उन्हें पुन: चालू किया गया, जिससे आमजन को स्वच्छ एवं सुलभ पेयजल उपलब्ध हो सके।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, नगर परिषद के कर्मचारियों एवं पत्रकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वयं श्रमदान कर सफाई कार्य किया। सभी ने मिलकर जल संरक्षण के इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया। प्रशासन द्वारा बताया गया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जिले के सभी नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों की साफ-सफाई, संरक्षण एवं पुनर्जीवन के कार्य निरंतर किए जाएंगे। अभियान का मुख्य उद्देश्य जल स्रोतों को संरक्षित कर भविष्य में जल संकट की स्थिति से निपटना एवं जल उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया