उमरिया : जल निगम के कार्य को देखकर भड़कीं कलेक्टर, तीन वर्षों से 136 करोड़ की योजना अधूरी
उमरिया, 23 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले की नवागत कलेक्टर राखी सहाय ने पदभार ग्रहण करते ही मैदानी दौरे शुरू कर दिए हैं। भीषण गर्मी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट को देखते हुए उन्होंने आकाशकोट क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित जल परियोजना का गुरूवार को निरीक्षण किया। ग्राम मरदरी पहुंचकर उन्होंने करीब 136.49 करोड़ रुपये की योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाया कि तीन वर्षों से चल रही इस परियोजना की प्रगति बेहद धीमी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि एक माह के भीतर कार्य में सुधार और प्रगति नहीं दिखी तो संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर राखी सहाय ने बताया कि आकाशकोट परियोजना लंबे समय से विभिन्न कारणों से लंबित है। ग्रीष्मकालीन पेयजल व्यवस्था की समीक्षा के बाद मौके पर निरीक्षण किया गया, जिसमें कार्य की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। उन्होंने बताया कि जल शोधन संयंत्र (वाटर ट्रीटमेंट प्लांट) का केवल 40 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है, जबकि अन्य स्थानों पर भी काम काफी धीमा है।
उन्होंने कहा कि परियोजना से जुड़े अधिकारियों और ठेकेदारों को मौके पर बुलाकर चेतावनी दी गई है। साथ ही वन विभाग, बिजली विभाग और अन्य विभागों से जुड़े लंबित मुद्दों के समाधान के लिए साप्ताहिक मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि योजना को जल्द पूरा कर ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
गौरतलब है कि आकाशकोट क्षेत्र के करीब 108 गांवों में पानी पहुंचाने के लिए 136.49 करोड़ रुपये की इस योजना का क्रियान्वयन जल निगम द्वारा किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों में स्थायी पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
कलेक्टर के सख्त रुख के बाद ग्रामीणों में उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद कोई अधिकारी गांवों तक पहुंचकर समस्याओं को गंभीरता से सुन रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि एक महीने में परियोजना की रफ्तार कितनी बढ़ती है।
हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्द्र त्रिपाठी