उज्जैनः इस्कान द्वारा 16 जुलाई को निकाली जाएगी भव्य जगन्नाथ रथयात्रा, मुख्यमंत्री होंगे शामिल

 


उज्जैन, 09 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में इस्कान द्वारा इस वर्ष भी शहर में भव्य जगन्नाथ रथयात्रा निकाली जाएगी। यह रथ यात्रा 16 जुलाई को निकलेगी जिसका संयुक्त आयोजन संस्कृति विभाग, विक्रमादित्य शोधपीठ और इस्कॉन कर रहा है। इस दौरान शहर के 100 विभिन्न स्थानों पर समरसता महापर्व भी मनाया जाएगा।

यह जानकारी गुरुवार को इस्कान के जनसंपर्क अधिकारी राघव दास पण्डित ने दी। उन्होने बताया कि भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा आगर मार्ग स्थित इंदिरा नगर चौराहे से दोपहर 1.30 बजे से प्रारंभ होगी। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस्कॉन के उपाध्यक्ष महामन महाराज, त्रिदंडी संन्यासी भक्ति प्रेम स्वामी और संस्कृति विभाग के सलाहकार श्रीराम तिवारी के निर्देशन में यह आयोजन होगा।

तीन अलग-अलग रथों में विराजेंगे भगवानउन्होंने बताया कि इस वर्ष जगन्नाथ रथयात्रा में तीनों भगवान बलभद्र,सुभद्रा महारानी और जगन्नाथ स्वामी तीन अलग-अलग रथों में शामिल होंगे। प्रारंभ अवसर पर पूजन पश्चात दोपहर 2 बजे से श्रद्धालु रथ को अपने हाथों से खींचना प्रारंभ करेंगे। चल समारोह में सबसे आगे भगवान बलभद्र, उनके पीछे सुभद्रा महारानी और सबसे अंत में जगन्नाथ स्वामी का रथ रहेगा। यात्रा इंदिरा नगर चौराहे से बीमा चौराहा,कोयला फाटक, चरक अस्पताल के सामने से होकर चामुण्डा माता मंदिर चौराहा आएगी। यहां से फ्रीगंज ओव्हर ब्रिज, घण्टाघर चौक, तीन बत्ती चौराहा होकर देवास रोड होते हुए शाम 6.30 बजे महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ पहुंचेगी। यात्रा में ढोल-ताशे, बग्घी-घोड़े, कीर्तन मंडलियां और जनजातीय समूहों के नृत्य दल आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इसी दिन संध्या में इस्कॉन मंदिर में लगभग 10 हजार श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन होगा।

सात दिन गुंडीचा मंदिर में करेंगे विश्रामरथयात्रा के समापन के बाद भगवान सात दिनों तक महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ परिसर में बने अस्थायी गुंडीचा मंदिर में निवास करेंगे। यहां प्रतिदिन आरती, छप्पन भोग और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। अंतरराष्ट्रीय कथावाचक कृष्णकिशोर द्वारा जगन्नाथ कथा सुनाई जाएगी। आयोजन के तहत यहां 20 जुलाई को श्वेता जोशी की भजन संध्या होगी। वहीं 24 जुलाई की शाम रथ यात्रा वापसी के लिए निकलेगी। यह रथ यात्रा महानंदा नगर, बिरला अस्पताल होते हुए इस्कॉन मंदिर पहुंचेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्‍वेल