अनूपपुर: शासन की मंशा अंतिम छोर पर बैठे पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की है- रामलाल रौतेल

 


अनूपपुर, 20 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश का अनूपपुर जिला जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र है, इसलिए सभी विभागीय अधिकारी शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का बेहतर एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। शासन की मंशा अंतिम छोर पर बैठे पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की है, इसलिए किसी भी हितग्राही को योजनाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए। जिले में संचालित योजनाओं की नियमित एवं व्यवस्थित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनी रहे।

यह बात बुधवार को अध्यक्ष मध्य प्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग रामलाल रौतेल कलेक्ट्रेट स्थित नर्मदा सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कही। बैठक में कलेक्टर हर्षल पंचोली, वनमंडलाधिकारी अनूपपुर डेविड चेन्नाप, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अर्चना कुमारी, सहायक आयुक्त जन जातीय कार्य विभाग सरिता नायक सहित जिले के विभिन्न विभागों के विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

अध्यक्ष मध्य प्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग ने जल जीवन मिशन अंतर्गत प्रधानमंत्री नल-जल योजना के तहत जिले में संचालित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जानकारी दी कि जिले में कुल 568 परियोजनाएं स्वीकृत हैं, जिनमें 432 एकल ग्राम परियोजनाएं तथा 110 परियोजनाएं जल जीवन मिशन निगम के माध्यम से स्वीकृत की गई हैं। इसके अतिरिक्त 12 ग्रामों में भी योजनाओं को शासन से स्वीकृति प्राप्त हुई है। नल-जल योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जल आपूर्ति की सतत निगरानी के लिए जल दर्पण पोर्टल के माध्यम से प्रतिदिन जल प्रदाय की स्थिति की समीक्षा की जा रही है। इस पर अध्यक्ष ने निर्देशित करते हुए कहा कि नल-जल योजनाओं की नियमित एवं सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा शासन की मंशानुरूप प्रत्येक घर तक सुचारु रूप से पेयजल उपलब्ध कराया जाए।

आयोग के अध्यक्ष ने महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा के दौरान जानकारी दी कि जिले में कुल 1175 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें से 26 आंगनबाड़ी केंद्र प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत निर्मित किए गए हैं। बैठक में लाड़ली लक्ष्मी योजना, बाल आशीर्वाद योजना, लाड़ली बहना योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति एवं लाभान्वित हितग्राहियों की जानकारी प्रस्तुत की गई।

इसी प्रकार जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत संचालित सिविल सेवा प्रोत्साहन राशि योजना, अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना, जनजातीय राहत योजना, आहार अनुदान योजना, अनुसूचित बस्ती विकास योजना, बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना तथा संत रविदास योजना की भी समीक्षा के दौरान अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का समय पर लाभ सुनिश्चित कराया जाए तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

वन विभाग की समीक्षा के दौरान वन सुरक्षा समितियों की गतिविधियों एवं वन प्रबंधन संबंधी कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। वन मंडलाधिकारी अनूपपुर ने जानकारी ने बताया कि अनूपपुर जिले में 183 वन सुरक्षा समितियों का गठन किया गया है तथा जिले में कुल 104 बीट संचालित हैं, जिनमें संवेदनशील एवं अति संवेदनशील बीटों की पहचान कर विशेष निगरानी की जा रही है। अमरकंटक क्षेत्र में मिश्रित प्रजातियों के पौधों के साथ हर्रा, बहेड़ा आदि औषधीय एवं उपयोगी पौधों के रोपण की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। हाथी प्रबंधन को लेकर आवश्यक कार्यवाही सतत रूप से की जा रही है तथा प्रभावित लोगों को नियमानुसार मुआवजा राशि का वितरण किया जा रहा है। बैठक के दौरान तेंदूपत्ता संग्राहकों की समस्याएं, वन संरक्षण, वन्य प्राणी प्रबंधन, वनाधिकार संबंधी विषयों सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

अध्यक्ष रामलाल रौतेल ने कृषि विभाग की विशेष समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि खाद्य सुरक्षा मिशन अंतर्गत कोदो, कुटकी एवं रागी जैसी मोटे अनाज की फसलों को बढ़ावा देने के लिए किसानों को अधिक से अधिक प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिले के कृषकों को आधुनिक एवं उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी देने हेतु नियमित प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिससे उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो सके। अधिकारियों ने अवगत कराया कि जिले को 15 क्लस्टरों में लगभग 150 किसानों द्वारा नेचुरल फार्मिंग अपनाई जा रही है तथा जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही कृषकों को आधुनिक सिंचाई तकनीकों जैसे ड्रिप पद्धति एवं स्प्रिंकलर प्रणाली के उपयोग के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है, ताकि कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सके। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित अन्य विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान अध्यक्ष ने विभागीय अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा हितग्राहियों तक समय पर लाभ पहुंचाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला