ब्राउन शुगर के बकाया रुपये लेने आए थे बरेली के दो आरोपित, लौटने से पहले पुलिस ने पकड़ा

 


मंदसौर, 15 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के शामगढ़ क्षेत्र के बरखेड़ा उदा गांव में स्कॉर्पियो के गुप्त चैंबर से मिले 1 करोड़ 29 लाख रुपये के मामले में नया खुलासा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के बरेली से आए मोहम्मद इस्लाम और सूर्यप्रकाश कथित तौर पर सरपंच प्रतिनिधि भवानीशंकर मीणा से पुराने बकाया रुपये लेने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि इसी साल अगस्त में रक्षाबंधन के आसपास करीब पांच किलो ब्राउन शुगर मंगाई गई थी, जिसका भुगतान बाकी था, हालांकि, ब्राउन शुगर की खरीद-फरोख्त और बकाया रकम के इस संबंध की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

सूत्रों के मुताबिक, दोनों व्यक्ति कथित तौर पर रुपये लेने के बाद उन्हें अपनी स्कॉर्पियो के भीतर विशेष रूप से बनाए गए गुप्त चैंबर में छिपाकर उत्तर प्रदेश लौटने की तैयारी में थे। इसी बीच पुलिस ने भवानीशंकर मीणा के घर दबिश देकर तीनों को पकड़ लिया। वाहन की तलाशी में वेल्डिंग से तैयार गुप्त चैंबर मिला, जिसमें से नोटों की गड्डियां बरामद हुईं। पुलिस ने कुल 1.29 करोड़ रुपये जब्त किए हैं।

मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त की सूचना पर दबिश

पुलिस के अनुसार, बुधवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बरखेड़ा उदा गांव में मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त होने वाली है। इसके बाद एसपी विनोद कुमार मीना के निर्देशन में शामगढ़ थाना प्रभारी कपिल सौराष्ट्रीय और भानपुरा थाना प्रभारी विनय बुंदेला के नेतृत्व में तीन थानों की पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने भवानीशंकर मीणा के घर दबिश दी।

मौके पर भवानीशंकर मीणा (49), उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी मोहम्मद इस्लाम (47) और सूर्यप्रकाश (59) मिले। घर के बाहर बिना नंबर की स्कॉर्पियो-एन भी खड़ी थी। वाहन के अंदर भारत सरकार लिखा एक नंबर प्लेट भी मिला। पुलिस वाहन को शामगढ़ थाने ले आई, जहां उसकी विस्तृत तलाशी ली गई।

वेल्डिंग से बनाया था नकदी छिपाने का चैंबर

स्कॉर्पियो की जांच के दौरान पिछली सीट के पीछे वाहन की बॉडी में वेल्डिंग के जरिए बनाया गया गुप्त चैंबर मिला। पुलिस ने मैकेनिक की मदद से वाहन के संबंधित हिस्से खुलवाए, जिसके बाद अंदर छिपाकर रखी गई नोटों की गड्डियां बरामद हुईं।

नकदी की गिनती मशीन से कराई गई। इसमें करीब डेढ़ घंटे का समय लगा और कुल 1 करोड़ 29 लाख रुपये की राशि सामने आई। वाहन के इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर उसकी पहचान की गई। पुलिस के मुताबिक, स्कॉर्पियो-एन का मालिक मोहम्मद इस्लाम निकला।

नकदी के स्रोत का पता लगाने आयकर विभाग को ई-मेल

एसपी विनोद कुमार मीना ने बताया कि पुलिस को घर में मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त से जुड़ी गतिविधियों की पुख्ता सूचना मिली थी। इसी आधार पर कार्रवाई की गई। तलाशी के दौरान स्कॉर्पियो में विशेष तरीके से छिपाकर रखी गई नकदी मिली। बरेली से आए दोनों व्यक्तियों और उनके यहां पहुंचने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।

एसपी के अनुसार, बरामद रकम कहां से आई और इसका वास्तविक स्रोत क्या है, इसकी जानकारी जुटाने के लिए आयकर विभाग को ई-मेल भेजा गया है। पुलिस मादक पदार्थों के कारोबार से संभावित संबंधों के साथ आरोपियों की भूमिका और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।

शराब कारोबार से भी जुड़ा बताया जा रहा परिवार

सूत्रों के अनुसार, पुलिस की जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि भवानीशंकर मीणा का परिवार शराब कारोबार से जुड़ा है। मेलखेड़ा और खड़ावदा में उसके बेटे अरविंद के नाम से शराब के लाइसेंस बताए जा रहे हैं। भवानीशंकर मीणा की पत्नी गांव की सरपंच हैं। वहीं, भवानीशंकर के भाजपा से जुड़े होने की भी जानकारी सामने आई है।

इसके अलावा, वर्ष 2025 में भवानीशंकर के बेटे अरविंद पर शामगढ़ थाने में पदस्थ रहे उपनिरीक्षक अविनाश सोनी पर लाठी से हमला करने का आरोप लगा था। इस घटना में उपनिरीक्षक के सिर पर 18 टांके आए थे।

फिलहाल पुलिस बरामद नकदी के स्रोत, मादक पदार्थों की कथित खरीद-फरोख्त, आरोपियों के आपसी संबंध और उनकी भूमिका की पड़ताल कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि जब्त की गई रकम का किसी अवैध कारोबार से संबंध है या नहीं। ब्राउन शुगर के कथित सौदे और बकाया भुगतान को लेकर सामने आई जानकारी की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया