शिवपुरीः 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए पोहरी तहसील के रीडर के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति कलेक्टर ने दी मंजूरी

 


शिवपुरी, 29 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में शिवपुरी जिले के पोहरी तहसील कार्यालय में 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए सहायक ग्रेड-3 एवं तत्कालीन रीडर पुनीत गुप्ता के विरुद्ध अब न्यायालय में अभियोजन की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने गुरुवार को आरोपी कर्मचारी के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति प्रदान कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पोहरी थाना क्षेत्र के ग्राम रनधीर निवासी अतर सिंह धाकड़ ने लोकायुक्त कार्यालय ग्वालियर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उनके बड़े भाई की कृषि भूमि के पास स्थित शासकीय नाले से पत्थर की बाउंड्री हटवाने और पानी की निकासी दुरुस्त कराने के लिए तहसीलदार पोहरी के समक्ष प्रकरण दर्ज कराया गया था। इस काम के एवज में तत्कालीन रीडर पुनीत गुप्ता द्वारा रिश्वत की मांग किए जाने का आरोप लगाया गया था।

शिकायत के आधार पर लोकायुक्त ग्वालियर की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। इस दौरान पुनीत गुप्ता को तहसील कार्यालय पोहरी में 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था। इसके बाद आरोपी के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

मामले में पुलिस अधीक्षक, विशेष पुलिस स्थापना (लोकायुक्त), ग्वालियर से प्राप्त पत्र और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद कलेक्टर अर्पित वर्मा ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 19 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 218 के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अभियोजन स्वीकृति जारी की है।

न्यायालय में चलेगी अभियोजन की कार्रवाई

अभियोजन स्वीकृति मिलने के बाद अब आरोपी कर्मचारी के विरुद्ध सक्षम न्यायालय में प्रकरण के संज्ञान एवं सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को शासकीय कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / युगल किशोर शर्मा