अनूपपुर: उपयंत्री पर एक लाख रिश्वत मांगने का आरोप, मूल्यांकन रोकने से तालाब, सड़क कार्य और मजदूरों का भुगतान अटका

 




अनूपपुर, 07 जुलाई (हि.स.)। मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में मंगलवार की साप्ताहिक जन सुनवाई में ग्रामीण विकास से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया। ग्राम पंचायत महुदा के सरपंच बाबू राम सिंह ने जिला पंचायत अनूपपुर के उपयंत्री विपिन श्रीवास पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। सरपंच ने वरिष्ठ अधिकारियों से इसकी शिकायत की है। ज्ञात हो कि इसके पूर्व अनूपपुर विधायक एवं पूर्व मंत्री विसहू लाल सिंह ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यक्रम अधिकारी को पत्र लिखकर उपयंत्री विपिन श्रीवास को हटाने की मांग की थी।

कलेक्ट्रेट कार्यालय में सरपंच बाबू राम सिंह साप्ताहिक जन सुनवाई में शिकयती पत्र देते हुए उपयंत्री विपिन श्रीवास विकास कार्यों के मूल्यांकन के लिए 1 लाख रुपये नकद रिश्वत की मांगने का आरोप लगाया हैं। रिश्वत न देने पर उपयंत्री ने कार्यों का मूल्यांकन रोक दिया है, जिसके कारण मजदूरों का भुगतान और सामग्री की राशि अटकी हुई है। वहीं जिला स्तरीय जनसुनवाई में कलेक्टर हर्षल पंचोली ने 75 आवेदनों पर जनसुनवाई करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निराकरण करने के निर्देश दिए।

सरपंच द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जिला पंचायत अनूपपुर से ग्राम पंचायत महुदा के किचराही तालाब (चांदपुर) के जीर्णोद्धार के लिए 5 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। यह कार्य पूर्व उपयंत्री के मार्गदर्शन में शुरू हुआ था, जिन्होंने तालाब से मिट्टी और कीचड़ पूरी तरह साफ करवाया था।

पूर्व उपयंत्री के स्थानांतरण के बाद नए उपयंत्री विपिन श्रीवास ने तालाब के गहरीकरण कार्य का अवलोकन किया और 60 मीटर लंबाई, 60 मीटर चौड़ाई और 1 मीटर गहराई में की गई मिट्टी खुदाई का माप भी लिया। इसके बाद पंचायत ने तालाब की पिचिंग और वेस्टवियर का काम भी पूरा कर लिया। इसी तरह, पंचायत मद की राशि से ग्राम महुदा में 421 मीटर लंबाई की पीसीसी रोड निर्माण कार्य की पहली परत भी पूरी कर ली गई थी।

सरपंच ने बताया कि काम पूरा होने के बाद जब उन्होंने उपयंत्री विपिन श्रीवास से मूल्यांकन करने का अनुरोध किया, तो उन्होंने 1 लाख रुपये नकद की मांग की। पैसे देने से इनकार करने पर आज तक मूल्यांकन नहीं किया गया।

मामले में तब नया मोड़ आया जब 3 जुलाई को उपयंत्री श्रीवास ने सरपंच को बिना किसी सूचना के, उपसरपंच के साथ मिलकर पीसीसी रोड की गहराई को कई जगह कुल्हाड़ी से खोदकर जांचना शुरू कर दिया। सरपंच का आरोप है कि उपयंत्री ने दुर्भावनापूर्वक कहा कि अब चांदपुर के किचराही तालाब में पानी भर गया है, और पानी भरने के बाद मिट्टी खुदाई का मूल्यांकन कोई नहीं करेगा, तब सरपंच को समझ आ जाएगा।

सरपंच का कहना है कि उपयंत्री जानबूझकर मामले को लटका रहे हैं ताकि पानी भरने के बाद काम छिप जाए और वे अपनी मनमानी कर सकें। मूल्यांकन न होने के कारण तालाब की खुदाई करने वाले गरीब मजदूरों की मजदूरी और निर्माण सामग्री का भुगतान पूरी तरह से ठप हो गया है। वही ग्रामीण शान्ति रौतेल पति माखन रौतेल ग्राम बरबसपुर अनूपपुर ने बताया कि वह वन भूमि पर पिछले 20-25 वर्ष से झोपड़ी बनाकर निवास कर रही है, जिसे वन वन विभाग कर्मचारियों ने झोपड़ी को उजाड़ दिया गया है और उस स्थान पर गड्ढा खोद दिया गया है, जिसके कारण बारिश में उसे परेशानी हो रही है।

कलेक्टर ने 75 लोगों की सुनी समस्या

जिला स्तरीय जनसुनवाई मंगलवार को कलेक्टर हर्षल पंचोली ने 75 आवेदनों पर जनसुनवाई करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निराकरण करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, अपर कलेक्टर बलवीर रमन, डिप्टी कलेक्टर कमलेश पुरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी आवेदकों की समस्याएं सुनी।

ग्राम फुनगा तहसील अनूपपुर निवासी दीपचंद साहू बीपीएल कार्ड बनवाए जाने, ग्राम बरबसपुर तहसील अनूपपुर के निवासी बिरसिया कोल की भूमि ऑनलाइन नक्शा गलत फीड होने, ग्राम कपरिया तहसील जैतहरी निवासी प्रमिला बाई पनिका का बिजली बिल अधिक आने, अमरकंटक की सोनिया बाई का बारिश में घर गिरने पर आर्थिक सहायता एवं आवास उपलब्ध कराए जाने, उरतान तहसील कोतमा निवासी वाल्मीकि द्विवेदी पीएम किसान सम्मन निधि की राशि दिलाए जाने, धिरौल तहसील अनूपपुर निवासी मुआवजा राशि दिलाए जाने, देवरा तहसील पुष्पराजगढ़ निवासी कोडुलाल पानी की समस्या, अनूपपुर निवासी शैलेंद्र कुमार रिकॉर्ड सुधार हेतु आवेदन प्रस्तुत किए।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला