बेतवा के स्टॉप डैम से जोखिम उठाकर स्कूल जा रहे थे छात्र, वीडियो वायरल होने पर प्रशासन ने रोका आवागमन
विदिशा, 04 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के ग्राम पलोह में बेतवा नदी पर बने स्टॉप डैम को पार कर स्कूल जाने वाले स्कूली बच्चों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। सुरक्षा की दृष्टि से डैम से आवागमन पर तत्काल रोक लगा दी गई है। साथ ही निगरानी के लिए चौकीदार तैनात किए गए हैं और बच्चों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए बंधेरा स्थित स्कूल को हाई स्कूल में उन्नत करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत जीवाजीपुर के ग्राम पलोह स्थित शासकीय हाई स्कूल में ककरुआ, इमलिया, बंधेरा और बहलोद चक के छात्र-छात्राएं अध्ययन करने आते हैं। सड़क मार्ग से स्कूल पहुंचने पर उन्हें 10 से 15 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है, जबकि बेतवा नदी पर बने स्टॉप डैम को पार करने पर यह दूरी करीब डेढ़ किलोमीटर रह जाती है। इसी कारण कई विद्यार्थी जोखिम उठाकर इसी रास्ते से स्कूल पहुंच रहे थे।
बारिश के चलते बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ने से स्टॉप डैम पर आवागमन और अधिक खतरनाक हो गया था। वायरल वीडियो में छात्र-छात्राएं तेज बहाव के बीच डैम के संकरे मोहरों पर छलांग लगाकर नदी पार करते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि थोड़ी-सी लापरवाही भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी।
वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और सुरक्षा के मद्देनजर डैम से लोगों की आवाजाही तत्काल बंद करा दी। चारों गांवों के चौकीदारों को वहां निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि कोई भी व्यक्ति इस मार्ग का उपयोग न कर सके।
स्थानीय युवक ऋषि रैकवार ने बताया कि स्टॉप डैम पर 10 से 12 संकरे मोहरे हैं, जिन्हें छलांग लगाकर पार करना पड़ता है। डैम का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त है, जहां घुटनों तक पानी बहता है। उन्होंने क्षेत्र में स्थायी पुल निर्माण की मांग करते हुए कहा कि इससे बच्चों को जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने की मजबूरी समाप्त होगी।
एसडीएम क्षितिज शर्मा ने बताया कि बच्चों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए बंधेरा स्थित स्कूल को हाई स्कूल में उन्नत करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। वर्तमान में वहां पांच विद्यार्थी कक्षा 10वीं तथा पांच विद्यार्थियों ने इस वर्ष कक्षा 9वीं में प्रवेश लिया है, जिनमें चार छात्राएं शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि दो किलोमीटर से अधिक दूरी वाले विद्यार्थियों को पहले ही साइकिलें वितरित की जा चुकी हैं और वे सड़क मार्ग से सुरक्षित स्कूल पहुंच सकते हैं, लेकिन समय बचाने के लिए स्टॉप डैम का रास्ता चुन रहे थे।
एसडीएम ने कहा कि स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) के माध्यम से स्टॉप डैम पर स्लैब डालने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है, ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर आवागमन अधिक सुरक्षित बनाया जा सके। फिलहाल वर्षा ऋतु को देखते हुए इस मार्ग से गुजरने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार/राकेश
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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा