इंदौर में बस पास महंगा होने पर छात्रों का विरोध, निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन

 


इंदौर, 16 अप्रैल (हि.स.)। इंदौर में सिटी बस पास की कीमत में 400 रुपए की बढ़ोतरी ने छात्रों में नाराजगी पैदा कर दी है। बढ़ी हुई फीस के विरोध में गुरुवार को बड़ी संख्या में छात्र नगर निगम मुख्यालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों का ज्ञापन भी सौंपा।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर लिखा था- “छात्रों को एटीएम मशीन समझना बंद करो” और “छात्रों के साथ अन्याय बंद करो”। छात्रों का कहना है कि यह फैसला उनकी आर्थिक स्थिति को नजरअंदाज कर लिया गया है। छात्र संगठनों के अनुसार, पहले जो स्टूडेंट बस पास 200 रुपए में मिलता था, अब उसे बढ़ाकर 600 रुपए कर दिया गया है। जयस छात्र संगठन के जिला अध्यक्ष पवन अहिरवार ने कहा कि यह बढ़ोतरी गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों के लिए बड़ा बोझ है। उन्होंने कहा कि “600 रुपए किसी मजदूर परिवार की तीन दिन की कमाई के बराबर होते हैं।”

छात्राओं ने बताया कि मूसाखेड़ी से जीडीसी कॉलेज आने-जाने में रोज करीब 50 रुपए खर्च होते हैं। ऐसे में बढ़ा हुआ बस पास उनके लिए राहत देने के बजाय और मुश्किलें बढ़ा रहा है। उनका सवाल है कि क्या हर छात्र इतना खर्च उठा सकता है?

प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि कई छात्र सीमित संसाधनों में पढ़ाई कर रहे हैं, कुछ तो एक वक्त का खाना छोड़कर अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में बस पास महंगा करना उनके साथ अन्याय है। छात्रों ने भंवरकुआं स्थित टंट्या भील चौराहे पर गंदगी और पानी की समस्या का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने नगर निगम से जल्द सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की। छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर बस पास की दरों में कमी नहीं की गई, तो नगर निगम का घेराव किया जाएगा। इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो भोपाल कूच किया जाएगा।

निगम प्रशासन ने दिया आश्वासन

नगर निगम के प्रभारी कंट्रोल रूम वीरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि छात्रों का ज्ञापन कमिश्नर क्षितिज सिंघल और महापौर पुष्यमित्र भार्गव तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही, चौराहे की सफाई संबंधी शिकायतों का भी समाधान कराने का आश्वासन दिया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे