एचपीवी टीकाकरण में ढिलाई बर्दाश्त नहीं: कलेक्टर सख्त, कम प्रगति वाले बीएमओ पर निलंबन की चेतावनी
सागर, 16 मार्च (हि.स.)। महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए मध्य प्रदेश के सागर जिले में चलाए जा रहे एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर संदीप जीआर ने स्पष्ट किया है कि इस राष्ट्रीय महत्व के अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सोमवार को आयोजित समय सीमा (टीएल) बैठक में ब्लॉकवार प्रगति की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने पाया कि कुछ क्षेत्रों में टीकाकरण की रफ्तार संतोषजनक नहीं है। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि जिन ब्लॉक मेडिकल ऑफिसरों (बीएमओ) के क्षेत्र में लक्ष्य के अनुसार कार्य नहीं हो रहा है या जो अभियान में रुचि नहीं ले रहे हैं, उनके विरुद्ध तत्काल निलंबन की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए कलेक्टर ने रणनीति में बदलाव के निर्देश भी दिए। इसके तहत जिले के स्कूलों और छात्रावासों को मुख्य टीकाकरण केंद्र बनाया जाएगा, ताकि पात्र किशोरियों तक सीधे पहुंच बनाई जा सके। इस संबंध में संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ), जिला परियोजना अधिकारी (डीपीसी) और अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण विभाग के उपायुक्त को सौंपी गई है।
कलेक्टर संदीप जीआर ने अभिभावकों से भी अपील करते हुए कहा कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं के लिए गंभीर खतरा है और 14 से 15 वर्ष की आयु में लगने वाली एचपीवी वैक्सीन इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपनी बेटियों का टीकाकरण कराकर उनके सुरक्षित भविष्य की नींव रखें।
स्वास्थ्य विभाग और मध्यप्रदेश शासन के दिशा-निर्देशों के तहत यह अभियान जिले में युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और भविष्य में कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर देती है। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले की कोई भी पात्र किशोरी इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे