राजगढ़ः स्टॉप डायरिया अभियान में जिले के हर हैंडपंप और कुएं में होगा क्लोरीनेशन
राजगढ़, 08 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में बरसात के मौसम के दौरान जलजनित बीमारियों की रोकथाम और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 16 जून से 30 जुलाई तक चल रहे स्टॉप डायरिया अभियान के तहत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग की टीम तीनों उपखंडों में हैंडपंप, कुएं और बावड़ियों जैसे पेयजल स्रोतों का क्लोरीनेशन कर रही है।
कार्यपालन यंत्री हरम सिंह बामणिया एवं जिला भूजल वैज्ञानिक डॉ. रामगोपाल नागर ने बुधवार को उपखंड कार्यालयों में विकासखंडवार हैंडपंप टेक्नीशियनों की बैठक लेकर अभियान की समीक्षा की। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि प्रत्येक पेयजल स्रोत के आसपास स्वच्छता बनाए रखी जाए और किसी भी स्थिति में गंदगी या दूषित नालियों का पानी जल स्रोतों तक नहीं पहुंचना चाहिए।
बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत बनाए गए रिचार्ज पिट और रिचार्ज शॉफ्ट के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया। मैदानी उपयंत्रियों, विकासखंड समन्वयकों और हैंडपंप मैकेनिकों को इन संरचनाओं की नियमित निगरानी करने तथा आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए, ताकि भूजल की गुणवत्ता प्रभावित न हो। इसके अलावा फील्ड टेस्टिंग किट (एफटीके) के माध्यम से जिले के सभी पेयजल स्रोतों के पानी की जांच कर उसकी रिपोर्ट जिला कार्यालय भेजने के निर्देश भी दिए गए। वहीं उपखंड कार्यालय खिलचीपुर में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। प्रशासन का लक्ष्य है कि स्वच्छ पेयजल, सुरक्षित जल स्रोत और जनभागीदारी के माध्यम से जिले को जलजनित बीमारियों से सुरक्षित रखा जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक