'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान को जनआंदोलन बनाने की तैयारी, 15 जुलाई से शुरू होगा राज्यव्यापी अभियान
पुलिस मुख्यालय में अंतर-विभागीय समन्वय बैठक, सभी विभागों ने बनाई संयुक्त कार्ययोजना
भोपाल, 06 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश पुलिस के 15 से 30 जुलाई तक प्रस्तावित राज्यव्यापी जनजागरूकता अभियान 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' को प्रभावी बनाने के लिए सोमवार को पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में अंतर-विभागीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने अभियान की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए संयुक्त कार्ययोजना तैयार की।
बैठक को संबोधित करते हुए डीजीपी कैलाश मकवाणा ने कहा कि यह अभियान केवल पुलिस विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को नशामुक्त बनाने का सामूहिक प्रयास है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली थी और इस बार विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों तथा आमजन की भागीदारी से इसे और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभियान का शुभारंभ 15 जुलाई को भोपाल के रवीन्द्र भवन में मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा। अभियान के दौरान प्रदेशभर के स्कूलों, कॉलेजों, छात्रावासों, खेल संस्थानों, ग्राम पंचायतों, नगरीय क्षेत्रों, औद्योगिक इकाइयों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
15 दिन का गतिविधि कैलेंडर तैयार
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नारकोटिक्स) डी. श्रीनिवास वर्मा ने अभियान की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस बार होल-ऑफ-गवर्नमेंट एप्रोच के तहत विभिन्न विभागों की साझेदारी सुनिश्चित की गई है। 15 दिवसीय अभियान के लिए दिवसवार गतिविधियों का कैलेंडर तैयार किया गया है। अभियान के दौरान नशा विरोधी शपथ, रैलियां, मानव श्रृंखला, नुक्कड़ नाटक, लघु फिल्मों का प्रदर्शन, चित्रकला, पोस्टर, निबंध एवं स्लोगन प्रतियोगिताएं, खेल गतिविधियां, छात्रावासों एवं मलिन बस्तियों में जागरूकता कार्यक्रम तथा सोशल मीडिया के माध्यम से जनसंदेश प्रसारित किए जाएंगे। साथ ही शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे में प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई भी की जाएगी।
विभागों ने साझा की अपनी कार्ययोजना
बैठक में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम, नगरीय प्रशासन और जनसंपर्क विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने अभियान को सफल बनाने के लिए अपनी-अपनी कार्ययोजनाएं प्रस्तुत कीं। सामाजिक न्याय विभाग ने प्रशिक्षित स्वयंसेवकों, मास्टर ट्रेनर्स और सामाजिक-आध्यात्मिक संगठनों को अभियान से जोड़ने का प्रस्ताव रखा। स्वास्थ्य विभाग ने आशा कार्यकर्ताओं, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों और नशामुक्ति क्लीनिकों के माध्यम से गांव-गांव तक जागरूकता पहुंचाने की योजना साझा की।
वहीं तकनीकी एवं उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में ड्रग-फ्री कैंपस अभियान चलाने, जबकि खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने खिलाड़ियों और खेल संस्थानों के माध्यम से युवाओं तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने की रणनीति प्रस्तुत की। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने ग्राम सभाओं और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से अभियान को गांवों तक ले जाने की योजना बताई।
प्रतिदिन होगी गतिविधियों की मॉनिटरिंग
बैठक में निर्णय लिया गया कि अभियान के दौरान सभी विभाग निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार प्रतिदिन गतिविधियों का संचालन करेंगे और उनकी प्रगति रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजेंगे। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, खेल जगत, सामाजिक एवं आध्यात्मिक संस्थाओं तथा मीडिया के सहयोग से यह अभियान प्रदेश में व्यापक जनभागीदारी वाला नशामुक्ति अभियान बनेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे