नशे से दूरी है जरूरी 2.0 को जनआंदोलन बनाएं : डीजीपी मकवाणा
- 15 से 30 जुलाई तक चलेगा राज्यव्यापी अभियान, सभी जिलों में जनभागीदारी और अंतर्विभागीय समन्वय पर रहेगा जोर
भोपाल, 10 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा 15 से 30 जुलाई 2026 तक संचालित किए जाने वाले राज्यव्यापी नशामुक्ति जन-जागरूकता अभियान नशे से दूरी है जरूरी 2.0 को प्रभावी एवं जनभागीदारी आधारित बनाने के लिए पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में सभी जोनल अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, रेंज डीआईजी, भोपाल एवं इंदौर के पुलिस आयुक्त, जिला पुलिस अधीक्षक, रेल पुलिस अधीक्षक, पीटीएस के पुलिस अधीक्षक तथा विशेष सशस्त्र बल के सेनानी शामिल हुए।
डीजीपी मकवाणा ने कहा कि यह अभियान केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का व्यापक जनअभियान है। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि इसे प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी से जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में इस अभियान को प्रदेशभर में अभूतपूर्व जनसमर्थन मिला था और इस वर्ष उससे भी अधिक व्यापक एवं परिणामोन्मुखी अभियान चलाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड टूटने के लिए ही बनते हैं। इस बार प्रत्येक जिला अपने नवाचार, जनसहभागिता और प्रभावी कार्ययोजना के माध्यम से नए कीर्तिमान स्थापित करे। डीजीपी ने बताया कि अभियान भारत सरकार के गृह मंत्रालय के विजन डॉक्यूमेंट ऑन नारकोटिक्स कंट्रोल 2026-29 की भावना के अनुरूप संचालित किया जा रहा है। इसमें मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई, सिंथेटिक ड्रग्स पर नियंत्रण, नशे की मांग में कमी, व्यापक जन-जागरूकता, सामाजिक सहभागिता और विभिन्न विभागों के समन्वय को प्रमुख आधार बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी चुनौती भी है। इसलिए पुलिस के साथ सामाजिक न्याय, स्वास्थ्य, आबकारी, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, नगरीय निकायों तथा अन्य संबंधित विभागों के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। डीजीपी ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि वे जिला कलेक्टर के साथ समन्वय स्थापित कर बहुविभागीय कोर कमेटी का गठन करें और साझा कार्ययोजना के अनुसार अभियान संचालित करें। साथ ही नगर निगमों और स्थानीय निकायों के सहयोग से प्रमुख चौराहों, सार्वजनिक स्थलों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सहित अन्य स्थानों पर पोस्टर, बैनर और डिजिटल संदेश प्रदर्शित किए जाएं। सिनेमाघरों, एफएम रेडियो, सार्वजनिक परिवहन, एलईडी स्क्रीन तथा सोशल मीडिया के माध्यम से भी व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नारकोटिक्स) डी. श्रीनिवास वर्मा ने बताया कि 15 दिवसीय अभियान के दौरान प्रतिदिन अलग-अलग विषयों पर जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें नशामुक्ति रैली, ड्रग अवेयरनेस रन, शपथ ग्रहण, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में व्याख्यान, लघु फिल्मों का प्रदर्शन, चित्रकला, निबंध, पोस्टर, स्लोगन एवं रंगोली प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक, मानव श्रृंखला, सार्वजनिक जनसंवाद, बाजारों एवं मॉल में जागरूकता कार्यक्रम, धार्मिक स्थलों, औद्योगिक इकाइयों एवं जेलों में विशेष कार्यक्रम तथा खिलाड़ियों और खेल प्रशिक्षकों की सहभागिता से जागरूकता गतिविधियां शामिल रहेंगी। अभियान का समापन 30 जुलाई को जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में किया जाएगा।
बैठक में पीएसओ टू डीजीपी डॉ. विनीत कपूर, एसओ टू डीजीपी मलय जैन, सहायक पुलिस महानिरीक्षक संजीव कुमार कंचन, अमृत मीणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे