प्रदेश के कर्ज और वित्तीय प्रबंधन पर जीतू पटवारी ने सरकार से मांगा जवाब, श्वेत-पत्र जारी करने की मांग

 


भोपाल, 03 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति, बढ़ती बाजार उधारी और सरकारी खर्च की प्राथमिकताओं को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भोपाल दौरे के संदर्भ में जीतू पटवारी ने कहा कि केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री के रूप में उन्हें प्रदेश के वित्तीय प्रबंधन और बढ़ते कर्ज से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार से जवाब मांगना चाहिए।

जीतू पटवारी ने शनिवार काे जारी अपने बयान में कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रदेश की कुल देनदारियां करीब 6 लाख करोड़ रुपए के स्तर तक पहुंच गई हैं। उन्होंने दावा किया कि यह राज्य के सकल घरेलू उत्पाद के करीब 32.5 प्रतिशत के बराबर है और इसके आधार पर प्रति व्यक्ति देनदारी करीब 80 हजार रुपए बैठती है। हालांकि, कर्ज की गणना में शामिल मदों और आंकड़ों के आधार पर यह राशि अलग-अलग हो सकती है।

सितंबर में 7,600 करोड़ की उधारी का दावा

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सितंबर में राज्य सरकार ने तीन चरणों में बाजार से करीब 7,600 करोड़ रुपए का कर्ज लिया। इसमें 1 सितंबर को 3,600 करोड़, 16 सितंबर को 2,500 करोड़ और इसके बाद 1,500 करोड़ रुपए की उधारी शामिल है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट में राज्य सरकार ने 1,06,190 करोड़ रुपए की उधारी का अनुमान रखा है, जबकि राजकोषीय घाटा 71,458 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है।

विमान और हेलीकॉप्टर खरीद पर भी सवाल

जीतू पटवारी ने सरकार की खर्च प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक ओर राज्य पर कर्ज बढ़ रहा है, वहीं सरकार करीब 233 करोड़ रुपए के जेट विमान और करीब 225 करोड़ रुपए के हेलीकॉप्टर की खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। उन्होंने पूछा कि ऐसे समय में वीवीआईपी सुविधाओं पर होने वाला खर्च कितना जरूरी है और इसका वित्तीय औचित्य क्या है।

लंबित उपयोगिता प्रमाण-पत्रों का मुद्दा उठाया

पीसीसी चीफ पटवारी ने कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि मार्च 2024 तक प्रदेश में 22,049 करोड़ रुपए से संबंधित 19,897 उपयोगिता प्रमाण-पत्र लंबित थे। इनमें 13,607 करोड़ रुपए से जुड़े प्रमाण-पत्र नौ वर्ष से अधिक समय से लंबित बताए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इन लंबित प्रमाण-पत्रों के निपटारे और संबंधित राशि के उपयोग का स्पष्ट विवरण सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने कैग के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2019-20 में प्रदेश का लोक ऋण और देनदारियां 2,30,572 करोड़ रुपए थीं, जो 2023-24 में बढ़कर 3,97,709 करोड़ रुपए हो गईं।

चार मुद्दों पर जवाब मांगने की मांग

जीतू पटवारी ने केंद्रीय गृह मंत्री से राज्य सरकार से चार प्रमुख मुद्दों पर जवाब मांगने की मांग की। इनमें बढ़ती देनदारियां, बाजार से ली जा रही उधारी का उपयोग, लंबित उपयोगिता प्रमाण-पत्र और प्रदेश में सामने आए विभिन्न प्रशासनिक व जनहित से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। उन्होंने पूछा कि बाजार से लिए जा रहे कर्ज का कितना हिस्सा पूंजीगत विकास पर खर्च हो रहा है और कितना नियमित खर्चों में जा रहा है। साथ ही उन्होंने लंबित उपयोगिता प्रमाण-पत्रों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

पटवारी ने छिंदवाड़ा में कफ सिरप से बच्चों की मौत, बालाघाट में कुपोषण और मंत्रियों व नौकरशाही के बीच कथित टकराव जैसे मुद्दों पर भी सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की। अंत में उन्होंने राज्य सरकार से कुल कर्ज, ब्याज भुगतान, सरकारी खर्च की प्राथमिकताओं और वीवीआईपी सुविधाओं पर हुए व्यय का विस्तृत विवरण जारी करने की मांग की। उन्होंने इसके लिए सरकार से श्वेत-पत्र जारी करने को कहा।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे