अनूपपुर: हैंडपंप खराब नदी से पानी लाने को मजबूर ग्रामीण, बंद पड़ी नल जल योजना
अनूपपुर, 10 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए शासन द्वारा लाखों रुपये खर्च कर नल-जल योजनाएं संचालित की जा रही हैं, ताकि गांवों तक स्वच्छ पेयजल पहुंच सके। विकासखंड अनूपपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत पडौर के बैगान टोला में यह योजना जिम्मेदारों की लापरवाही और मनमानी की भेंट चढ़ गई है।
नल-जल योजना लंबे समय से बंद पड़ी है, जबकि मोहल्ले का इकलौता हैंडपंप भी खराब हो चुका है। इसके कारण ग्रामीणों को भीषण गर्मी में करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित केवई नदी से पानी लाकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है।
हर दिन सुबह से 3 किलोमीटर दूर है जाकर लाते हैं पानी
ग्राम की महिला सियाबती ने बताया कि गांव में पेयजल संकट दूर करने के उद्देश्य से नल-जल योजना शुरू की गई थी, लेकिन ग्राम पंचायत और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की उदासीनता के कारण योजना का संचालन बंद हो गया। समय पर रखरखाव और निगरानी नहीं होने से स्थिति लगातार खराब होती गई। अब गांव के लोग पानी के लिए रोजाना संघर्ष करने को मजबूर हैं। सुबह से ही महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे बर्तन लेकर नदी की ओर निकल पड़ते हैं। कई किलोमीटर पैदल चलकर पानी लाना ग्रामीणों की दिनचर्या बन गई है।
शिकायत के बावजूद नहीं हुआ सुधार
दुआसिया बाई का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो पंचायत ने ध्यान दिया और न ही विभागीय अधिकारियों ने कोई ठोस पहल की। नदी का पानी पीने और घरेलू उपयोग में लेने से बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग अब तक समस्या के स्थायी समाधान के लिए गंभीर नजर नहीं आ रहा है।
विभागीय टीम भेजी जाएगी
कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अमित शाह का कहना है कि मामले की जानकारी लेकर विभागीय टीम भेजी जाएगी तथा खराब हैंडपंप और बंद नल-जल योजना को जल्द सुधारने का प्रयास किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला