अनिवार्य हेलमेट-सीटबेल्ट को लेकर एमपी में 10 दिन चलेगा विशेष अभियान

 


भोपाल, 30 सितंबर (हि.स.)। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने और यातायात नियमों के पालन को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस ने प्रदेशभर में हेलमेट और सीटबेल्ट के अनिवार्य उपयोग को लेकर 10 दिवसीय विशेष अभियान शुरू किया है। यह अभियान 28 सितंबर से 8 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। अभियान के दौरान प्रवर्तन कार्रवाई के साथ-साथ लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।

पुलिस के अनुसार अभियान का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि वाहन चालकों में सुरक्षित यातायात व्यवहार विकसित करना और सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना भी है। सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा में सामने आया है कि दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट तथा चार पहिया वाहन चालकों और यात्रियों द्वारा सीटबेल्ट का उपयोग नहीं करने पर दुर्घटना की स्थिति में गंभीर चोट और मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए अभियान के दौरान हेलमेट और सीटबेल्ट के शत-प्रतिशत उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। अभियान के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रमुख चौराहों, राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों तथा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों यानी ब्लैक स्पॉट पर विशेष चेकिंग प्वाइंट बनाए जाएंगे। निर्धारित समय पर इन स्थानों पर सघन जांच की जाएगी।

बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों और सीटबेल्ट का उपयोग नहीं करने वाले चार पहिया वाहन चालकों के खिलाफ नियमानुसार चालानी कार्रवाई होगी। दोपहिया वाहन पर पीछे बैठने वाली सवारी के लिए भी हेलमेट अनिवार्य होने को लेकर विशेष रूप से जागरूक किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर चालक और पीछे बैठी सवारी के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जिन शहरों में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध हैं, वहां निगरानी के लिए तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल किया जाएगा। ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) सहित उपलब्ध तकनीक के जरिए नियमों का उल्लंघन करने वालों के ई-चालान किए जाएंगे। हेलमेट और सीटबेल्ट नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन के लिए मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के तहत संबंधित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय को प्रस्ताव भेजने की कार्रवाई भी की जाएगी।

प्रवर्तन के साथ जन-जागरूकता पर भी विशेष जोर रहेगा। स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, औद्योगिक संस्थानों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में हेलमेट और सीटबेल्ट के महत्व को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

प्रमुख चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर बैनर, पोस्टर, होर्डिंग और पंपलेट के माध्यम से लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा। अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड, रेडक्रॉस, सामाजिक संगठनों सहित अन्य हितधारकों को भी जोड़ा जाएगा।

पेट्रोल पंप, ऑटोमोबाइल डीलर, ड्राइविंग स्कूल, परिवहन व्यवसाय से जुड़े संगठनों और अन्य संबंधित संस्थानों के सहयोग से नागरिकों को नियमित रूप से हेलमेट और सीटबेल्ट का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सड़क सुरक्षा से जुड़े संदेशों को सोशल मीडिया और अन्य संचार माध्यमों के जरिए व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा