अनूपपुर: छग से लापता विक्षिप्त को युवती को परिजनों से मिलवाने का माध्यहम बना सोशल मीडिया
अनूपपुर, 21 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की कोतवाली पुलिस ने छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा से लापता एक 30 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को शनिवार को उसके परिवार से मिलाया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद महिला को उसके भाई और मां के सुपुर्द किया गया। भविष्य में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने महिला की कलाई पर उसके परिजनों का स्थायी मोबाइल नंबर भी गुदवाया है।
थाना प्रभारी अरविंद जैन ने बताया कि गुरुवार 19 मार्च की रात करीब 11 बजे डायल 112 को जैतहरी रोड स्थित हर्री फाटक के पास एक महिला के लावारिस घूमने की सूचना मिली थी। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम महिला को कोतवाली लेकर आई। महिला डेस्क पर उपनिरीक्षक सरिता लकड़ा ने उसकी देखभाल की, क्योंकि वह अपना नाम और पता बताने की स्थिति में नहीं थी।
सोशल मीडिया से खोंगापानी तक पहुंची सूचना पुलिस ने महिला की तस्वीर सोशल मीडिया के विभिन्न समूहों पर प्रसारित की। यह जानकारी छत्तीसगढ़ के एमसीबी (मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर) जिले के खोंगापानी में रहने वाले उसके भाई अजय बंजारे तक पहुंची। तस्वीर की पहचान होने के बाद परिजनों ने अनूपपुर पुलिस से संपर्क किया और शुक्रवार देर रात कोतवाली पहुंचे। परिजनों ने बताया कि पिंकी अपने ससुराल से बिना बताए लापता हो गई थी।
सुरक्षा के लिए कलाई पर बनवाया स्थायी टैटू
थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक मोतीउर रहमान के निर्देश पर, महिला के दोबारा लापता होने की स्थिति को रोकने के लिए उसकी कलाई पर उसके भाई का नाम और मोबाइल नंबर स्थायी रूप से गुदवाया गया। इस पहल का उद्देश्य यह है कि यदि महिला भविष्य में दोबारा राह भटकती है, तो कोई भी व्यक्ति सीधे उसके परिजनों से संपर्क कर उसकी मदद कर सकेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला