अनूपपुर: बहनो ने भाईयों को तिलक लगा मीठा खिलाकर की अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना

 


अनूपपुर, 05 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में गुरूवार को फाल्गुन माह कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि और इस दिन होली के बाद भाई दूज का पर्व मनाया जाता है। जिसमें बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक करती और उसकी सुख-समृद्धि की कामना करती है। इसे भ्रातृ द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है।

फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होली का उल्लासपूर्ण पर्व मनाने के बाद द्वितीया तिथि को भाई दूज का पावन पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई गई। धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन भाई-बहन के अटूट प्रेम, रक्षा और मंगलकामना का प्रतीक है। इस अवसर पर बहनें अपने भाइयों के लिए व्रत रखकर तिलक करती हैं और उनके सुख, समृद्धि और दीर्घायु की प्रार्थना करती हैं।

हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष में दो बार भाई दूज का पर्व मनाया जाता है। एक दिवाली के बाद और दूसरा फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। इस खास अवसर पर बहनें अपने भाई की दीर्घ आयु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए तिलक लगा मीठा खिलाकर अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना करती हैं।

भाई दूज का धार्मिक महत्व

भाई दूज को यम द्वितीया भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन बहन द्वारा लगाया गया तिलक भाई को अकाल मृत्यु और बड़े संकटों से रक्षा प्रदान करता है। होली के बाद मनाई जाने वाली भाई दूज विशेष रूप से इस भावना से जुड़ी है कि रंगों की उमंग के पश्चात पारिवारिक संबंधों में मधुरता और स्थिरता बनी रहे। लोक परंपराओं में यह पर्व केवल एक रस्म नहीं, बल्कि बहन के समर्पण और आशीर्वाद का उत्सव है। बहन अपने भाई के मस्तक पर रोली और अक्षत का तिलक लगाकर उसके जीवन से नकारात्मकता दूर करने का संकल्प लेती है। यह दिन भाई के लिए सौभाग्य और सफलता का प्रतीक माना जाता है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला