देवासः भीषण गर्मी भी नहीं डिगा सकी आस्था, अमावस्या पर नेमावर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

 


देवास 16 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के देवास जिले मे तपती धूप और भीषण गर्मी के बावजूद अमावस्या पर नेमावर स्थित मां नर्मदा तट पर आस्था का अद्भुत सैलाब उमड़ पड़ा। शनिवार को सुबह से ही नर्मदा घाट श्रद्धालुओं से भरे रहे। दोपहर 2 बजे तक करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने सूर्यपुत्र भगवान शनि और सिद्धनाथ महादेव के दर्शन कर शनि ग्रह शांति एवं सुख-समृद्धि की कामना की।

अमावस्या के विशेष महत्व के चलते आसपास के कई जिलों और राज्यों से श्रद्धालु नेमावर पहुंचे। अमावस्या की पूर्व संध्या से ही भक्तों का आगमन शुरू हो गया था। कई श्रद्धालु परिवार सहित रात्रि में ही घाटों पर पहुंच गए थे। रातभर भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों का दौर चलता रहा। वहीं सुबह 4 बजे ब्रह्ममुहूर्त से स्नान का क्रम शुरू हुआ, जो शनिवार देर शाम तक लगातार चलता रहा।

नर्मदा तट पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धा इतनी प्रबल थी कि लोग लंबी कतारों में खड़े होकर स्नान और दर्शन करते नजर आए। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने पूरे उत्साह के साथ मां नर्मदा की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति की कामना की।

श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद सिद्धनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का अभिषेक किया तथा शनि मंदिरों में तेल, काली उड़द, तिल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर शनि दोष निवारण के उपाय किए। कई श्रद्धालुओं ने दान-पुण्य कर गरीबों को भोजन एवं वस्त्र वितरित किए।

भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। घाटों और मंदिरों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह शीतल पेयजल, छाया और स्वास्थ्य सहायता केंद्र बनाए गए। स्वयंसेवक भी लगातार श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देते दिखाई दिए। नेमावर के घाटों पर दिनभर “हर-हर नर्मदे” और “जय मां नर्मदा” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

नेमावर में अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व-नर्मदा तट पर स्थित नेमावर को धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है। यहां स्थित सिद्धनाथ मंदिर और मां नर्मदा घाट पर अमावस्या, पूर्णिमा और शनिश्चरी अमावस्या पर विशेष भीड़ उमड़ती है। मान्यता है कि अमावस्या पर मां नर्मदा में स्नान और दान-पुण्य करने से पितृ दोष, शनि दोष और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है। यही कारण है कि दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।

भीषण गर्मी में सेवा कार्य बने श्रद्धालुओं का सहारा-तेज गर्मी को देखते हुए विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह शीतल जल और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई थी। कई स्वयंसेवक घाटों पर बुजुर्गों और महिलाओं की सहायता करते नजर आए। प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया था।

भक्ति में डूबा रहा पूरा नेमावर-अमावस्या के अवसर पर पूरा नेमावर क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया। श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा से परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

विधायक आशीष शर्मा के सानिध्य में हुआ भंडारा-अमावस्या पर नेमावर घाट पर क्षेत्रीय विधायक के सानिध्य में विगत कई वर्षों से विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। इस बार भी हजारों श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसाद ग्रहण कर धर्म लाभ लिया। भीषण गर्मी के बीच भंडारा श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत बना रहा। घाट पर सुबह से देर शाम तक प्रसादी वितरण का सिलसिला चलता रहा।

नर्मदा पुराण कथा के विश्राम पर भंडारा-खातेगांव के सांखला परिवार द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित कराई जाने वाली मां नर्मदा पुराण कथा के विश्राम दिवस पर भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। भक्तों ने प्रसादी ग्रहण कर मां नर्मदा को नमन किया और कथा श्रवण का पुण्य लाभ लिया।

विशेष पार्किंग व्यवस्था की-अमावस्या पर उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की थी। नर्मदा पुल स्थित दाना बाबा क्षेत्र के नीचे की ओर विशेष पार्किंग व्यवस्था बनाई गई, जहां वाहनों को नियंत्रित तरीके से खड़ा कराया गया। इस व्यवस्था के चलते श्रद्धालुओं को नर्मदा घाट तक पहुंचने में परेशानी नहीं हुई और बार-बार लगने वाले जाम से भी काफी राहत मिली। पुलिस और प्रशासनिक अमला पूरे समय मुस्तैद नजर आया।

भीषण गर्मी को देखते हुए छांव के लिए टेंट-नेमावर पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि गर्मी के मौसम में नर्मदा घाट तक पहुंच मार्ग पर जगह-जगह अस्थायी छाया शेड और टेंट लगाए जाएं। वर्तमान में तापमान 43 से 44 डिग्री तक पहुंच रहा है, ऐसे में दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं, बुजुर्गों और महिलाओं को तेज धूप में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। श्रद्धालुओं का कहना है कि नेमावर प्रदेश का प्रमुख तीर्थ स्थल है, इसलिए गर्मी के मौसम में विशेष व्यवस्था जरूरी है।

भक्तों ने यह भी मांग रखी कि बस स्टैंड क्षेत्र में यात्रियों की सुविधा के लिए अस्थायी टेंट लगाए जाए, ताकि दर्शन के लिए आने वाले लोगों को धूप और गर्मी से राहत मिल सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्‍द्र राठी