सीहोर : बारिश और धूप के बीच नर्मदापुरम से दौड़ते हुए कुबेरेश्वरधाम पहुंचे डाक कांवड़िए

 


सीहोर, 18 अगस्त (हि.स.)। सावन मास में भगवान शिव के प्रति आस्था का अद्भुत दृश्य सीहोर के कुबेरेश्वरधाम में देखने को मिला। नर्मदापुरम से डाक कांवड़ लेकर निकले शिवभक्त बारिश और धूप के बीच दौड़ते हुए कुबेरेश्वरधाम पहुंचे। भगवा वस्त्रों में कंधों पर कांवड़ उठाए कांवड़ियों के साथ पूरे मार्ग में हर-हर महादेव, बम-बम भोले, जय भोलेनाथ और श्री शिवाय नमस्तुभ्यं के जयघोष गूंजते रहे।

लंबी दूरी तय करने के बावजूद कांवड़ियों के उत्साह में कमी नहीं आई। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालु और राहगीर डाक कांवड़ियों को देखने के लिए रुकते रहे और उनका उत्साह बढ़ाया। कुबेरेश्वरधाम पहुंचने के बाद कांवड़ियों ने पवित्र जल भगवान शिव को अर्पित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

मौसम भी नहीं डिगा सका संकल्प

डाक कांवड़ यात्रा के दौरान मौसम लगातार बदलता रहा। कहीं बारिश हुई तो कहीं तेज धूप ने श्रद्धालुओं की परीक्षा ली, लेकिन शिवभक्तों के कदम नहीं रुके। यात्रा जैसे-जैसे धाम के करीब पहुंचती गई, कांवड़ियों का उत्साह बढ़ता गया। श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा आस्था के साथ अनुशासन और संकल्प का भी उदाहरण बनी।

कुबेरेश्वरधाम पहुंचने पर विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला सहित सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने कांवड़ियों का स्वागत किया। समिति की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए सेवा कार्य भी किए गए।

झांकियों और बैंड ने बढ़ाया धार्मिक उत्साह

इससे पहले देर शाम कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा के मार्गदर्शन में भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा में इंदौर का प्रसिद्ध श्याम बैंड-बाजा और विभिन्न धार्मिक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। भक्ति गीतों और भगवान शिव की स्तुति के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा में शामिल हुए। मार्ग में लोगों ने कांवड़ यात्रा का स्वागत किया और भगवान शिव के जयकारे लगाए।

विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित ने बताया कि भगवान शिव के प्रति श्रद्धा से प्रेरित होकर युवा पूरे उत्साह के साथ डाक कांवड़ यात्रा पूरी कर रहे हैं। सावन के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में शिवभक्त कुबेरेश्वरधाम पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समिति द्वारा लगातार सेवा कार्य किए जा रहे हैं।

शिव आराधना से सकारात्मक दिशा का संदेश

कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि शिव आराधना केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के विचार, व्यवहार और कर्मों को सकारात्मक दिशा देने का माध्यम है। श्रद्धा, अनुशासन और विश्वास के साथ की गई आराधना व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

डाक कांवड़ियों के कुबेरेश्वरधाम पहुंचने के साथ ही पूरा परिसर भगवान शिव के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पवित्र जल से भगवान शिव का अभिषेक कर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। सावन में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ और कांवड़ यात्राओं ने कुबेरेश्वरधाम को भक्ति और आस्था के केंद्र में बदल दिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा