सीहोर में अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन का शिकंजा, 20 कॉलोनाइजरों को नोटिस

 


चार स्थानों पर बुलडोजर कार्रवाई, लोगों ने उठाए निष्पक्षता पर सवाल, प्रशासन बोला- नियमों के तहत हो रही कार्रवाई

सीहोर, 17 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में अवैध कॉलोनियों और नियमों का उल्लंघन कर किए गए निर्माणों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। शासन के निर्देश पर जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में चिन्हित अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। प्रशासन ने अब तक 20 कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किए हैं, जबकि चार स्थानों पर बुधवार को कार्रवाई की गई।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बीच कुछ स्थानीय नागरिकों ने सवाल भी उठाए हैं। उनका आरोप है कि अभियान में सभी अवैध निर्माणों पर समान रूप से कार्रवाई नहीं हो रही है और कुछ प्रभावशाली लोगों से जुड़ी संपत्तियों को नजरअंदाज किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले में लंबे समय से कई बड़ी अवैध कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं, लेकिन फिलहाल कार्रवाई का दायरा कुछ नई और छोटी कॉलोनियों तक सीमित दिखाई दे रहा है।

नागरिकों का कहना है कि यदि प्रशासन अवैध कॉलोनियों के खिलाफ गंभीर अभियान चला रहा है तो सभी मामलों में समान कार्रवाई होनी चाहिए। लोगों ने मांग की है कि जांच के दायरे में बड़े कॉलोनाइजरों और वर्षों से संचालित अवैध कॉलोनियों को भी शामिल किया जाए, ताकि अभियान का वास्तविक असर दिखाई दे।

प्रशासन ने आरोपों को किया खारिज

प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्रवाई में भेदभाव के आरोपों को खारिज किया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी कार्रवाई नियमों और जांच के आधार पर की जा रही है। फिलहाल प्राथमिकता उन नई अवैध कॉलोनियों पर है, जहां हाल ही में निर्माण और प्लॉटिंग का काम किया गया है।तहसीलदार अमित सिंह ने बताया कि अब तक 20 अवैध कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें से चार के खिलाफ बुधवार को कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों के अनुसार, पहले से विकसित हो चुकी अवैध कॉलोनियों को लेकर शासन स्तर पर अलग प्रावधान हैं। ऐसे मामलों में नियमानुसार और चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी।

बड़े भू-माफियाओं पर कार्रवाई का इंतजार

नागरिकों और क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि अवैध कॉलोनियों की समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव है, जब छोटे कॉलोनाइजरों के साथ-साथ बड़े भू-माफियाओं और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी सख्ती हो। अब लोगों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर है। यदि कार्रवाई का दायरा बढ़ाकर सभी अवैध कॉलोनियों तक पहुंचाया जाता है तो इसे भू-माफिया के खिलाफ बड़ी पहल माना जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे