सिंधिया का अशोकनगर दौरा: लोकार्पण की रफ्तार तेज, लेकिन बड़ी परियोजनाओं का इंतजार कायम
अशोकनगर, 03 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के गुना संसदीय क्षेत्र से सांसद एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया इन दिनों चार दिवसीय दौरे पर अशोकनगर जिले में सक्रिय हैं। दौरे के दौरान वे एक ओर पंचायत स्तर के विकास कार्यों का लोकार्पण कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय जनता अब भी बड़ी केंद्रीय परियोजनाओं और दीर्घकालिक विकास की उम्मीद लगाए बैठी है।
दौरे के दूसरे दिन सिंधिया ने कजराई गांव में लगभग 43 लाख रुपये की लागत से बने नवीन ग्राम पंचायत भवन का लोकार्पण किया। इसके साथ ही कजराई-पिपरई मार्ग पर ओर नदी पर निर्मित 7.06 करोड़ रुपये की लागत वाले पुल को भी जनता को समर्पित किया गया। स्थानीय स्तर पर इन कार्यों को बुनियादी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, लेकिन नागरिकों का कहना है कि अशोकनगर की असली चुनौती अब भी बड़े शहरों से सीधी कनेक्टिविटी की कमी है।
मुंगावली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए पेयजल आपूर्ति पर विशेष जोर दिया। उन्होंने राजघाट परियोजना के तहत लगभग 100 गांवों को लाभान्वित करने और जिले के लिए 922 करोड़ रुपये की पेयजल योजना की जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना के स्वीकृति पत्र, भू-अधिकार पट्टे, लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रमाण पत्र, कृषि यंत्रों का वितरण किया गया। साथ ही छात्राओं को साइकिलें दी गईं और दुधारू पशु योजना के लाभ भी बताए गए।
हालांकि, जनता के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि एक केंद्रीय मंत्री के स्तर पर अपेक्षित बड़े प्रोजेक्ट्स—जैसे नेशनल हाईवे, औद्योगिक निवेश और बेहतर रेल कनेक्टिविटी—पर ठोस पहल कब होगी।
सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. योगेश मिश्रा का कहना है कि पंचायत स्तर के कार्य सराहनीय हैं, लेकिन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए बड़े उद्योग और मजबूत परिवहन नेटवर्क आवश्यक हैं।
अशोकनगर जिले की प्रमुख लंबित मांगों में दिल्ली और इंदौर के लिए सीधी रेल सेवा, जिला मुख्यालय को नेशनल हाईवे से जोड़ना तथा क्षेत्र में बड़े उद्योगों की स्थापना शामिल है। इन मुद्दों पर ठोस प्रगति को लेकर जनता की उम्मीदें अभी भी कायम हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार