सतना-मैहर में निजी घरों से नहीं चलेंगे पंचायत कार्यालय, पंचायत भवन खोलना अनिवार्य

 


सतना, 27 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सतना एवं मैहर जिले की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सपना त्रिपाठी ने ग्राम पंचायतों में कार्यालय संचालन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब पंचायत भवन उपलब्ध होने पर निर्धारित कार्यालयीन समय में उसे खोलना अनिवार्य होगा। सरपंच, पंचायत सचिव या ग्राम रोजगार सहायक के निजी निवास से पंचायत कार्यालय संचालित करने पर पूरी तरह रोक रहेगी।

कार्यालय संचालन, कर्मचारियों की उपस्थिति और शासकीय अभिलेखों के रखरखाव में लापरवाही मिलने पर संबंधित लोक सेवकों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के दौरान क्षेत्रीय भ्रमण में सामने आई अनियमितताओं के बाद ग्राम पंचायतों की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए ये निर्देश जारी किए हैं।

जिला पंचायत सीईओ ने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराने और लगातार निगरानी रखने को कहा है।

जिन ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन उपलब्ध नहीं है अथवा भवन जर्जर या अपर्याप्त है, वहां शासकीय सामुदायिक या बहुउद्देशीय भवन में कार्यालय संचालित करना होगा। किसी भी परिस्थिति में निजी आवास को पंचायत कार्यालय के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।

निर्देशों के अनुसार पंचायत भवन में शासकीय अभिलेख, फर्नीचर, टेलीविजन, कंप्यूटर और अन्य सामग्री व्यवस्थित ढंग से रखनी होगी। खंड पंचायत अधिकारी और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी औचक निरीक्षण कर कार्यालय संचालन की स्थिति जांचेंगे। इस दौरान शासकीय सामग्री का भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा।

बिना सूचना या अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले पंचायत सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। कार्यालय संचालन में लापरवाही बरतने पर भी संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी।

इन निर्देशों का उद्देश्य ग्राम पंचायतों में नियमित कामकाज सुनिश्चित करना और ग्रामीणों को शासकीय सेवाओं के लिए अनावश्यक रूप से भटकने से बचाना है। अब इन निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी पर जोर रहेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी